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Canada: हिंदुओं के लिए उठाई आवाज, ट्रूडो को खुले आम दिखाई आंख; जानिए कौन हैं PM पद की रेस में शामिल चंद्र आर्य

Who Is Chandra Arya: भारतीय मूल के चंद्र आर्य कभी कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन टूडो के करीबी थे, लेकिन जैसे-जैसे उनका भारत विरोधी रवैया सामने आया उन्होंने उनसे दूरी बना ली। अब भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने कनाडा में अगले प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करते हुए अपना दावा ठोका है।

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जानिए कौन हैं ट्रूडो को आंख दिखाने वाले चंद्र आर्य

Photo : Twitter

Chandra Arya: कनाडा में भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने कनाडा में अगले प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर करते हुए अपना दावा ठोका है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब 2 मिनट 36 सेकंड की एक वीडियो पोस्ट कर पीएम बनने की बात कही। चंद्र आर्य की यह दावेदारी उस वक्त आई है जब कनाडा में प्रधानमंत्री पद से जस्टिन टूडो ने इस्तीफा दे दिया। टूडो के इस्तीफा देने के बाद से पीएम पद की दावेदारी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

खास बात यह है कि भारतीय मूल के चंद्र आर्य कभी जस्टिन टूडो के करीबी थे, लेकिन जैसे-जैसे उनका भारत विरोधी रवैया सामने आया उन्होंने उनसे दूरी बना ली। कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में जब हिंदू मंदिर पर हमला हुआ तब चंद्र आर्य ने सिर्फ अपनी बात ही नहीं रखी वह हिन्दुओं की आवाज भी बने थे। वह कनाडा में रहने वाले हिन्दुओं की आवाज उठाने के साथ खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर मुखर होकर बोलते हैं।

चंद्र आर्य कनार्टक से रखते हैं ताल्लुक

चंद्र आर्य का जन्म कनार्टक के तुमकुरु में हुआ। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई कौसाली इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से की। हालांकि, भारत में पढ़ाई करने के बाद वह साल 2006 में कनाडा चले गए। राजनीति में उतरने से पहले वह आर्य इंडो-कनाडा ओटावा बिजनेस चैंबर के अध्यक्ष थे। पीएम पद की दावेदारी को लेकर चंद्र आर्य ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मैं कनाडा का अगला प्रधानमंत्री बनने के दौड़ में हूं। जिससे हमारे देश के पुनर्निर्माण और भावी पीढ़ियों के लिए समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक छोटी, अधिक कुशल सरकार का नेतृत्व कर सकूं। हम ऐसी महत्वपूर्ण संरचनात्मक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो कई पीढ़ियों से नहीं देखी गई हैं और इन्हें सुलझाने के लिए कठोर विकल्पों की आवश्यकता होगी। मैंने हमेशा कनाडा वासियों के सर्वोत्तम हित के लिए कड़ी मेहनत की है और अपने लोगों के लिए हमें साहसिक निर्णय लेने होंगे, जो बिल्कुल आवश्यक हैं। यदि मुझे लिबरल पार्टी का अगला नेता चुना जाता है तो मैं ऐसा करने के लिए अपना ज्ञान और अनुभव साझा करूंगा।

कनाडा में हम इस वक्त युवा पीढ़ी कई समस्याओं का सामना कर रही है। आज कामकाजी मध्यम वर्ग संघर्ष कर रहा है और कई कामकाजी परिवार सीधे गरीबी में जा रहे हैं। कनाडा ऐसे नेतृत्व का हकदार है जो बड़े निर्णय लेने से नहीं डरता। ऐसे निर्णय जो हमारी अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण करें, आशा बहाल करें, सभी कनाडाई लोगों के लिए समान अवसर पैदा करें। 2015 में आर्य ने पहली बार फेडरल इलेक्शन लड़ा था और चुनाव जीत संसद पहुंचे थे। 2019 में दूसरी बार सांसद बने। आर्य खालिस्तानी और चरमपंथी गतिविधियों के मुखर आलोचक हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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