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Britain Election: 'आई एम सॉरी...' ब्रिटेन चुनाव में ऋषि सुनक ने मान ली हार, बनने जा रही लेबर पार्टी की सरकार

Rishi Sunak defeat in Britain Election: ब्रिटेन में हुए आम चुनाव की मतगणना अबतक जारी है। सामने आ रहे रुझानों में विपक्षी लेबर पार्टी 300 सीट जीतती दिख रही है। वहीं ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को 61 सीटें मिल सकती हैं। इस बीच ऋषि सुनक ने अपनी हार मानते हुए कहा है कि मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं।

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Rishi Sunak defeat in UK Polls

Photo : BCCL

Rishi Sunak defeat in Britain Election: ब्रिटेन के आम चुनाव के नतीजे आने से पहले ही प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी हार मान ली है। उन्होंने हार की जिम्मेदारी लेते हुए जनता से खेद जताया है। बता दें, आम चुनाव की मतगणना अबतक जारी है। सामने आ रहे रुझानों में विपक्षी लेबर पार्टी 300 सीट जीतती दिख रही है। वहीं ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी को 61 सीटें मिल सकती हैं।

ऋषि सुनक ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि लेबर पार्टी ने यह आम चुनाव जीत लिया है और मैंने कीर स्टार्मर को उनकी जीत की बधाई देने के लिए फोन किया है। उन्होंने कहा, आज ब्रिटेन की सत्ता शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से बदलेगी। उन्होंने कहा, अब मैं लंदन जाऊंगा और चुनाव के नतीजों की समीक्षा करूंगा। उन्होंने कहा, मुझे खेद है। मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं। बता दें, ब्रिटेन में 2019 में हुए आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी 365 सीटों पर जीती थी वहीं लेबर पार्टी ने 202 सीट जीती थीं।

एग्जिट पोल में भी ऋषि सुनक की हार का लगाया गया था अनुमान

ब्रिटेन चुनाव की मतगणना से पहले जारी एग्जिट पोल में भी ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी की हार का अनुमान लगाया गया था। एग्जिट पोल के अनुसार 650 सीटों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स में लेबर पार्टी 410 सीटें जीत सकती है। जबकि दक्षिणपंथी कंजर्वेटिव पार्टी या टोरीज़ सिर्फ 131 सीटें ही हासिल कर सकेगी, जो काफी कम है। इससे 14 साल की कंजर्वेटिव सरकार का अंत हो जाएगा। एग्जिट पोल के अनुसार, कंजर्वेटिव पार्टी की एक समय सहयोगी रही लिबरल डेमोक्रेट्स को 61 सीटें मिल सकती हैं।

स्टारमर ने जनता को दिया धन्यवाद

वहीं, लेबर पार्टी के कीर स्टारमर ने जनता को धन्यवार दिया है। मतगणना से पहले उन्होंने कहा, मैं लोगों के लिए लड़ूंगा और मैं अपने महान देश में आशा और गौरव को बहाल करने के लिए लड़ूंगा। उन्होंने कहा, इस चुनाव में लेबर के लिए प्रचार करने वाले सभी लोगों को, हमारे लिए वोट करने वाले सभी को और हमारी बदली हुई लेबर पार्टी में अपना भरोसा जताने वाले सभी लोगों को धन्यवाद।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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