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ब्राजील में बड़ा हादसा: बार्सिलोस में एयरक्रॉफ्ट क्रैश, विमान में सवार सभी 14 लोगों की मौत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 17, 2023, 06:54 AM IST

Brazil plane crash: बार्सिलोस में एक मीडियम साइज एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार हुआ है, जिसमें 12 यात्रियों के अलावा दो चालक दल के सदस्य भी सवार थे। रिपोर्ट में सिविल डिफेंस के हवाले से कहा गया है कि इस घटना में कोई भी जीवित नहीं बचा है।

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ब्राजील में विमान हादसा

Photo : ANI

Brazil plane crash: ब्राजील में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा इतना बड़ा था कि विमान में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, घटना राजधानी मनौस से लगभग 400 किलोमीटर दूर बार्सिलोस में हुई। सामने आईं रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विमान हादसे में जान गंवाने वालों में कुछ अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, बार्सिलोस में एक मीडियम साइज एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार हुआ है, जिसमें 12 यात्रियों के अलावा दो चालक दल के सदस्य भी सवार थे। रिपोर्ट में सिविल डिफेंस के हवाले से कहा गया है कि इस घटना में कोई भी जीवित नहीं बचा है। दुर्घटना तब हुई जब विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था।

लैंडिंग के समय हो रही थी बारिश

कहा जा रहा है कि विमान खराब मौसम के कारण हादसे का शिकार हुआ है। दरअसल, विमान जिस समय लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, उस समय भारी बारिश हो रही थी। सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्रिवेंशन ऑफ एयरोनॉटिकल एक्सीडेंट्स (Cenipa) ने एक बयान में पुष्टि की कि एयरोनॉटिकल एक्सीडेंट्स की जांच और रोकथाम के लिए सातवीं क्षेत्रीय सेवा (Seripa VII) के जांचकर्ताओं को विमान दुर्घटना स्थल पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था।

मनौस एरोटैक्सी का था विमान

राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन एजेंसी (एएनएसी) के अनुसार, विमान मनौस टैक्सी Aereo नाम की कंपनी का था और उसे हवाई टैक्सी सेवा के लिए नियमित और अधिकृत किया गया था। विमान का संचालन करने वाली कंपनी मनौस एरोटैक्सी ने एक बयान में पुष्टि की कि दुर्घटना में पीटी-एसओजी विमान शामिल था। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होती है, इसलिए हम निश्चित हैं कि दुर्घटना में शामिल विमान और चालक दल उड़ान योग्यता के लिए आवश्यक सभी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, और हम इस दुर्घटना से संबंधित सभी विवरणों को स्पष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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