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कौन हैं सूजी वाइल्स की जगह लेने वाले स्टीफन मिलर? व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टॉफ पद के लिए ट्रंप ने जताया भरोसा

अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में करारी हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फेरबदल करते हुए अपनी सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के मास्टरमाइंड 41 वर्षीय स्टीफन मिलर को नया व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

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Photo : AP
कौन हैं स्टीफन मिलर
Authored by: निशांत तिवारी
Updated Nov 7, 2026, 14:53 IST
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अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली करारी शिकस्त और दोनों सदनों का नियंत्रण खोने के ठीक बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा राजनीतिक दांव चला है जिसने वाशिंगटन के गलियारों में सनसनी फैला दी है। अपनी कड़क और आक्रामक नीतियों के लिए जाने जाने वाले 41 वर्षीय स्टीफन मिलर को ट्रंप ने अपना नया व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। वे सोमवार, 9 नवंबर को आधिकारिक तौर पर 69 वर्षीय सूजी वाइल्स की जगह यह कमान संभालेंगे। ट्रंप का यह फैसला यह साफ संदेश देता है कि चुनाव में हार के बावजूद वे विरोधियों के सामने झुकने या अपनी नीतियों को नरम करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।

कौन हैं स्टीफन मिलर?

कैलिफोर्निया के सांता मोनिका में जन्मे स्टीफन मिलर ट्रंप के सबसे पुराने और भरोसेमंद सहयोगियों में से एक हैं। जेफ सेशंस जैसे दिग्गज रिपब्लिकन नेताओं के सलाहकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले मिलर 2016 में एक मुख्य भाषण लेखक के रूप में ट्रंप के राष्ट्रपति अभियान से जुड़े थे। जनवरी 2025 से वे नीति और गृह सुरक्षा सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। औपचारिक पद से परे, घरेलू नीतियों और आव्रजन के फैसलों पर उनका प्रभाव सबसे अधिक माना जाता रहा है। ट्रंप ने खुद अपने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि स्टीफन शुरुआत से ही मेरे साथ रहे हैं। वे राजनीति को बहुत गहराई से समझते हैं। वे एक महान प्रबंधक साबित होंगे और मुझे उन पर पूरा भरोसा है।

सूजी वाइल्स के साथ स्टीफन व्हीलर

सूजी वाइल्स के साथ स्टीफन व्हीलर

कट्टर छवि और सख्त फैसले, जिसके लिए जाने जाते हैं मिलर

स्टीफन मिलर को ट्रंप प्रशासन के सबसे आक्रामक और कड़े फैसलों का 'आर्किटेक्ट' माना जाता है। उनके प्रमुख फैसलों में से कुछ नीचे दिए गए हैं।

सख्त इमिग्रेशन कार्रवाई: प्रतिदिन 3,000 गिरफ्तारियों का लक्ष्य तय करना, बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले अप्रवासियों को पकड़ना और सीमा पर प्रवासियों के बच्चों को अलग करने जैसी विवादित नीतियां।

2017 का मुस्लिम ट्रैवल बैन: कई मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध का मसौदा तैयार करना।

सरकारी कर्मचारियों की छंटनी: साल 2025 में हजारों सिविल सेवकों को नौकरी से निकालने और प्रशासनिक तंत्र को छांटने के अभियान का नेतृत्व।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त रुख: नशीली दवाओं की तस्करी में संदिग्ध नौकाओं पर हवाई हमलों का समर्थन करना और ईरान के खिलाफ इजरायल व अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की खुलकर तारीफ करना।

अपनी सख्त छवि के लिए जाने जाते हैं मिलर

अपनी सख्त छवि के लिए जाने जाते हैं मिलर

मिडटर्म नतीजों के बाद डेमोक्रेट्स के साथ आर-पार की जंग का संकेत

मिडटर्म चुनावों में अमेरिकी जनता ने रिपब्लिकन पार्टी की नीतियों को लेकर स्पष्ट नाराजगी जताई थी। 'रॉयटर्स' के सर्वे के अनुसार, करीब 54% लोगों ने आव्रजन पर हुई कड़ाई को नापसंद किया, जबकि 'एपी' के एग्जिट पोल में 10 में से 6 मतदाताओं ने माना कि प्रशासन की कार्रवाई हद से ज्यादा सख्त थी। लेकिन सुजी वाइल्स को हटाकर मिलर को चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर बैठाने का मतलब है कि ट्रंप अब पूरी ताकत से कार्यकारी आदेशों के जरिए अपनी नीतियां लागू करेंगे और आने वाली डेमोक्रेटिक जांच का आक्रामक जवाब देंगे।

2028 की ओर ट्रंप प्रशासन का भावी रूप

चीफ ऑफ स्टाफ व्हाइट हाउस का असली 'गेटकीपर' होता है, जो राष्ट्रपति का समय, स्टाफ का प्रबंधन और सरकारी विभागों के साथ समन्वय तय करता है। वाइस प्रेसिडेंट माइक पेंस के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ मार्क शॉर्ट का मानना है कि ट्रंप ने अपने पास एक ऐसे व्यक्ति को रखा है जो उनसे पूरी तरह से वैचारिक रूप से जुड़ा हुआ है। इससे साफ है कि अगले दो वर्षों में व्हाइट हाउस और विपक्षी बहुमत वाली कांग्रेस के बीच किसी भी द्विपक्षीय समझौते की गुंजाइश लगभग खत्म हो चुकी है और वाशिंगटन में एक भीषण राजनीतिक टकराव देखने को मिलेगा।

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