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हिंसा की आग में बुरी तरह झुलसा बेलफास्ट, चाकूबाजी की घटना के बाद हिंसक हुई भीड़ ने इमारतों में लगाई आग

उत्तरी आयरलैंड की प्रथम मंत्री मिशेल ओ नील ने X पर कहा कि ये दंगें 'घृणित कायरता से कम नहीं' हैं। नील ने कहा कि जहां भी नस्लवाद, डराने-धमकाने की कोशिश और हिंसा होती है, वह पूरी तरह गलत है। बता दें कि चाकू हमले के 30 वर्षीय संदिग्ध, जिसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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बेलफास्ट में हिंसक प्रदर्शन।

Photo : AP

Northern Ireland Violence: उत्तरी आयरलैंड का बेलफास्ट शहर हिंसा की आग में बुरी तरह झुलसा है। यहां सूडान के एक शरणार्थी ने कथित रूप से एक व्यक्ति पर चाकू से हमला किया जिसके बाद लोग सड़कों पर आ गए और प्रवासियों के खिलाफ हिंसा पर उतारू हो गए। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को सड़कें जाम कर दीं। कारों एवं इमारतों को आग के हवाले कर दिया। हिंसा को काबू में न आता देख स्थानीय प्रशासन मंगलवार को लोगों को उनके घरों से निकलाकर सुरक्षित जगहों पर ले गया।

'सिर और गर्दन पर चाकू से वार'

उत्तरी आयरलैंड की प्रथम मंत्री मिशेल ओ नील ने X पर कहा कि ये दंगें 'घृणित कायरता से कम नहीं' हैं। नील ने कहा कि जहां भी नस्लवाद, डराने-धमकाने की कोशिश और हिंसा होती है, वह पूरी तरह गलत है। बता दें कि चाकू हमले के 30 वर्षीय संदिग्ध, जिसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, पर हत्या के प्रयास, सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार रखने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उसने सोमवार को 40 वर्ष से अधिक उम्र के एक व्यक्ति के सिर और गर्दन पर कई बार चाकू से वार किया था।

सूडान का शरणार्थी है संदिग्ध

वहीं, उत्तरी आयरलैंड पुलिस प्रमुख जॉन बूचर ने बताया कि संदिग्ध 2023 में पेरिस और डबलिन के रास्ते यूनाइटेड किंगडम पहुंचा था। यूके के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि वह सुडान का शरणार्थी है और उसके पास 2028 तक वैध निवास परमिट है। ब्रिटेन में आव्रजन (इमिग्रेशन) एक बेहद संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गया है और हालिया स्थानीय चुनावों में दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके के उभार में भी इसकी बड़ी भूमिका रही है।

पिछले साल भी प्रवासियों के खिलाफ दंगे भड़के थे

पिछले वर्ष भी उत्तरी आयरलैंड में प्रवासियों (माइग्रेंट्स) के खिलाफ दंगे भड़के थे। यह हिंसा कथित यौन उत्पीड़न की एक घटना के बाद हुई थी, जिसमें दो किशोरों को विदेशी मूल का बताया गया था। दंगों का केंद्र बैलीमेना शहर था, जहां प्रदर्शनकारी समूहों ने उन घरों को निशाना बनाया था जिनमें प्रवासी रहते थे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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