Iran attack on US locations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन से पहले ईरान ने ईजराइल और अमेरिका के खिलाफ बड़े हमले किए हैं। अपने हमलों में ईरान ने दोनों देशों के खिटानों को निशाना बनाया है। हमले में कुवैत में एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर के नष्ट होने की भी खबर है। ईरान का यह हमला ट्रंप के देश के नाम संबोधन से पहले हुआ है। इन हमलों के बाद जंग और भीषण हो सकती है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन में एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया जहां 80 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। अब सबकी नजरें ट्रंप के संबोधन पर टिकी हैं।
अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हमले
ईरान ने अमेरिका और इजराइल के ठिकानों पर हमले का एक नया दौर शुरू कर दिया है। इसे 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 89वीं लहर बताया जा रहा है। ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने बताया कि ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने मिलकर भारी मिसाइलों, आत्मघाती ड्रोन्स और रॉकेटों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइली ठिकानों पर हमला किया है। ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के इलात, तेल अवीव और बनी ब्राक जैसे इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान के मुताबिक इन हमलों में इजरायल को बड़ा नुकसान हुआ है।
इस बीच, 'इस्लामिक रिपब्लिक डे' के मौके पर ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक पत्र के जरिए अमेरिका और इजराइल पर अपना पक्ष रखा. इसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'बेरहम अमेरिका और यहूदी दुश्मन के लिए इंसानियत, नैतिकता या जिंदगी का कोई मोल नहीं है।'
युद्ध में NATO ने हमारा साथ नहीं दिया
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नाटो पर खरबों खर्च किए। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन ने वॉशिंगटन के साथ खराब व्यवहार किया, ईरान के खिलाफ युद्ध में उसका साथ नहीं दिया, और दावा किया कि अमेरिका को नाटो की न तो जरूरत थी और न ही वह उसकी भागीदारी चाहता था। अमेरिकियों को लिखे पत्र में पेजेश्कियन ने पूछा कि क्या यह युद्ध उनके हित में है।
पूछा-अमेरिकी जनता के कौन से हित पूरे हो रहे हैं?
एक्स पर अपने अकाउंट पर पेजेश्कियन ने पूछा कि आखिर इस युद्ध से अमेरिकी जनता के कौन से हित पूरे हो रहे हैं? क्या ईरान से कोई वास्तविक खतरा था जो इस तरह के व्यवहार को सही ठहरा सके? उन्होंने कहा कि अपने आधुनिक इतिहास में ईरान ने कभी आक्रामकता नहीं चुनी, हालांकि उसके पास अपने कई पड़ोसियों से अधिक सैन्य क्षमता रही है। इसके अलावा, ईरानी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिका इस युद्ध में इजराइल के एक प्रॉक्सी के रूप में शामिल हुआ है, और जोर देकर कहा कि पड़ोसी देशों के खिलाफ ईरान जो भी कार्रवाई कर रहा है, वह 'वैध आत्मरक्षा पर आधारित एक संतुलित प्रतिक्रिया'है।
