Sheikh Hasina: बांग्लादेश में लंबे समय तक सत्ता पर रहीं शेख हसीना के बेटे और सलाहकार साजिब वाजेद जॉय ने कहा है कि उनकी मां ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया था, क्योंकि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने उनके आधिकारिक आवास की तरफ मार्च किया था। साजिब वाजेद जॉय ने कहा कि मेरी मां ने कभी आधिकारिक तौर पर इस्तीफा नहीं दिया। उन्हें इसका समय नहीं मिला। साजिब वाजेद जॉय ने कहा कि उन्होंने एक बयान देने और अपना इस्तीफा सौंपने की योजना बनाई थी। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की तरफ मार्च करना शुरू कर दिया। समय नहीं था। मेरी मां ने सामान भी पैक नहीं किया। जहां तक संविधान की बात है, वह इस समय भी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हैं।
राष्ट्रपति राजनेताओं के साथ परामर्श के बाद संसद को कर दिया था भंग
साजिद वाजेद जॉय ने कहा कि हालांकि राष्ट्रपति ने सैन्य प्रमुखों और विपक्षी राजनेताओं के साथ परामर्श के बाद संसद को भंग कर दिया है, लेकिन औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री द्वारा इस्तीफा दिए बिना कार्यवाहक सरकार के गठन को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। साजिद वाजेद जॉय ने यह भी कहा कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग अगला चुनाव लड़ेगी। एएनआइ के अनुसार, साजिब वाजेद जॉय ने कहा कि हालांकि उनके पास सरकार विरोधी आंदोलन में अमेरिका की प्रत्यक्ष संलिप्तता का कोई सुबूत नहीं है, लेकिन मोहम्मद यूनुस के प्रति समर्थन संभावित विदेशी प्रभाव का संकेत देता है।
पश्चिम लंबे समय से मोहम्मद यूनुस का समर्थन करता रहा है, जिन्हें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है। उनकी सरकार का समर्थन करने में पश्चिम ने जैसी तत्परता दिखाई, उससे उन्हें विश्वास हो गया कि अशांति के पीछे विदेशी शक्तियों का हाथ है। साजिब वाजेद जॉय ने बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के लिए आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने शेख हसीना का वीजा रद्द किए जाने की मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज करते हुए कहा कि किसी ने भी उनका वीजा रद्द नहीं किया है और न ही उन्होंने कहीं भी राजनीतिक शरण के लिए आवेदन किया है। ये सब बस अफवाहें हैं।
