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VIDEO: खामेनेई के अंतिम संस्कार का सबसे भावुक पल! 14 महीने की पोती का ताबूत देख नम हुईं आंखें

Iran Supreme Leader State Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उनकी 14 महीने की पोती के छोटे ताबूत की तस्वीर ने लोगों को भावुक कर दिया। तेहरान में आयोजित अंतिम विदाई समारोह के दौरान सामने आई यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और शोक की सबसे मार्मिक झलक मानी जा रही है।

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अयातुल्ला अली खामेनेई की 14 महीने की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी का छोटा ताबूत रखा गया है। AI IMAGE

Iran Supreme Leader State Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के अंतिम संस्कार से एक बेहद भावुक तस्वीर सामने आई है, जिसने दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद में आयोजित अंतिम दर्शन के दौरान खामेनेई के पार्थिव शरीर के साथ उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत भी रखे गए।

इनमें उनकी 14 महीने की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी का छोटा ताबूत भी शामिल है। 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ-साथ उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जान गंवाने वालों में अयातुल्ला अली खामेनेई के एक दामाद, बड़ी बेटी और अन्य करीबी रिश्तेदार शामिल हैं।

खामेनेई के साथ जिन चार लोगों के ताबूत रखे गए हैं, वे उनके परिवार के बेहद करीबी सदस्य थे। इनमें पहला नाम बशरा अल-खामेनेई का है, जो अली खामेनेई की बड़ी बेटी थीं। वह सार्वजनिक जीवन से दूर रहती थीं, लेकिन ईरान के सत्ता प्रतिष्ठान में उनकी पारिवारिक भूमिका अहम मानी जाती थी।

उनका निकाह मिस्बाह अल-होदा बघेरी से हुआ था। बघेरी भी उसी हमले में मारे गए और उनका ताबूत भी खामेनेई के पास रखा गया। तीसरा ताबूत जहरा हद्दाद आदेल का है। वह मोजतबा खामेनेई की पत्नी और ईरान के पूर्व संसद अध्यक्ष तथा प्रभावशाली नेता ग़ुलाम-अली हद्दाद-आदिल की बेटी थीं। वहीं, चौथा ताबूत खामेनेई की 14 महीने की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी

धार्मिक, राजनीतिक और जनसमर्थन की ताकत दिखा रहा ईरान

नौ जुलाई तक चलने वाले इन समारोहों को केवल राजकीय शोक तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि इन्हें ईरान अपनी धार्मिक, राजनीतिक और जनसमर्थन की ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी पेश कर रहा है। ईरान की सरकार और धार्मिक नेतृत्व लोगों से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर खामेनेई को श्रद्धांजलि देने की अपील कर रहे हैं। समारोह में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

खामेनेई के पार्थिव शरीर को फोरेंसिक मोर्चरी के रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया था। इस्लाम में रासायनिक तरीके से शव संरक्षित करने की अनुमति नहीं होने के कारण केवल कम तापमान का सहारा लिया गया। शिया परंपरा के अनुसार युद्ध जैसी असाधारण परिस्थितियों में दफन में देरी और ठंडे तापमान में पार्थिव शरीर सुरक्षित रखने की धार्मिक अनुमति ली गई थी।

भारत सरकार का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी ईरान के राष्ट्रव्यापी शोक में शामिल हुआ, जहां भारत सरकार की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारत की तरफ से अता हसनैन-पबित्रा मार्गेरिटा ने दी श्रद्धांजलि

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने भारत सरकार और देशवासियों की ओर से दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, "बिहार के राज्यपाल और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारत सरकार एवं देश की जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।"
Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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