ईरान में बड़ा अलगावादी हमला हुआ है। इस हमले में 19 लोगों की मौत हो गई है। जिसमें सेना के जवान भी शामिल हैं। यह हमला दक्षिण-पूर्वी ईरानी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में हुआ है। भारी गोलीबारी में देश के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के तीन सदस्यों सहित 19 लोग मारे गए।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार हमला शुक्रवार को हुआ था। हमलावर जाहेदान शहर में एक मस्जिद के पास नमाजियों के बीच छिप गए थे। जिसके बाद पास के थाने पर हमला कर दिया।
गरीबी से त्रस्त सिस्तान-बलूचिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा के पास है। यह इलाका ड्रग्स की तस्करी के साथ-साथ बलूची अल्पसंख्यक और सुन्नी मुस्लिम चरमपंथी समूहों के विद्रोहों के लिए भी जाना जाता है।
प्रेस टीवी ने बताया कि पुलिस स्टेशन पर हमले के बाद एक सशस्त्र समूह एक मस्जिद के पास इकट्ठा हो गया और गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में सिस्तान और बलूचिस्तान में तैनात इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्डस की खुफिया इकाई के कमांडर अली मौसवी मारे गए।
बता दें कि ईरान पहले ही हिजाब विरोधी प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। हिजाब के विरोध में वहां की महिलाएं आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान भी हिंसक झड़पें हो चुकी हैं, जिसमें दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं। ईरान की सरकार इस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही, लेकिन अभी तक सफल नहीं हुई है। यह आंदोलन तब शुरू हुआ जब 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत हिजाब न पहने के कारण हो गई। अमिनी को पुलिस ने इसी अपराध के लिए हिरासत में लिया था।
एजेंसी इनुपट के साथ
