युद्ध का असर: यूक्रेन की 45.1 फीसदी तो रूस की 11.2 फीसदी घट जाएगी इकोनॉमी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 11, 2022, 08:56 AM IST

Russia-Ukraine War: विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार युद्ध के कारण इस साल यूक्रेन की इकोनॉमी  45.1 फीसदी घट जाएगी। वहीं रूस की इकोनॉमी भी 11.2 फीसदी घट जाएगी।

युद्ध का असर: यूक्रेन की 45.1 फीसदी तो रूस की 11.2 फीसदी घट जाएगी इकोनॉमी

Russia-Ukraine War: डेढ़ महीने से ज्यादा समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध से तबाही के मंजर के बीच एक और बुरी खबर आई है। जिसका पूरी दुनिया पर असर पड़ने की आशंका है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार युद्ध के कारण इस साल यूक्रेन की इकोनॉमी  45.1 फीसदी घट जाएगी। वहीं यूक्रेन पर हमला करने वाले रूस की इकोनॉमी भी 11.2 फीसदी घटेगी। यही नहीं  इस युद्ध का असर यूरोप, मध्य एशिया के दूसरे देशों में भी पड़ने की आशंका जताई गई है। और कई देशों में ते मंदी आने का भी खतरा बढ़ गया है।

इन देशों को भी चपेट में ले लेगा युद्ध

विश्व बैंक के अनुसार यूरोप और मध्य एशिया पर भी इस युद्ध का भीषण असर पड़ने की आशंका है। जिसकी वजह से इस क्षेत्र की उभरती अर्थव्यवस्थाओं का औद्योगिक उत्पादन, उनके जीडीपी का करीब 4.1 फीसदी तक घटने का अनुमान है। और इसका असर यह होगा कि इस साल इश क्षेत्र इकोनॉमी करीब 4.1 फीसदी घट जाएगी। जिसका सबसे ज्यादा रूस-यूक्रेन के अलावा बेलारूस, किर्गिजस्तान, मोलडोवा, ताजिकिस्तान में आर्थिक मंदी आने की आशंका है। इसके तहत पूर्वी यूरोप के देशों की जीडीपी 30.7 फीसदी घट जाएगी। 

युद्ध से पूरी दुनिया में असर

रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब पूरी दुनिया में दिखने लगा है। एक तरफ जहां वस्तुओं की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। वहीं कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। कच्चा तेल जहां 100  अरब डॉलर पर बना हुआ है। वहीं  गेहूं, फर्टिलाइजर सहित दूसरी जरूरी वस्तुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में किल्लत शुरू हो गई है। वहीं रूस के रूख को देखते हुए अब अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देश प्रतिबंधों में सख्ती बढ़ाने की हिमायत कर रहे हैं। इसकी वजह से यूरोप के कई देशों में गैस की किल्लत भी हो सकती है।

रूस और बढ़ाएगा हमला

इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है  कि रूसी बल हमारे देश के पूर्व में और बड़े अभियान चलाएंगे। जब लोगों में अपनी गलती स्वीकार करने, माफी मांगने, वास्तविकता के अनुसार ढलने और सीखने का साहस नहीं होता, तो वे राक्षस बन जाते हैं और जब दुनिया उन्हें अलग-थलग कर देती है, तो ये राक्षस फैसला करते हैं कि दुनिया को उनके अनुसार ढलना होगा। यूक्रेन यह सब रोकेगा।’’
 

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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