ताइवान में युद्ध का डर,बंदूक की ट्रेनिंग 4 गुना बढ़ी, क्या करना चाहता है चीन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 2, 2022, 03:14 PM IST

China-Taiwan Tension: पहले ऑडियो क्लिप और अब ताइवान की हवाई सीमा के उल्लंघन से साफ है कि चीन ताइवान को लेकर उकसाने की कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में रूस-यूक्रेन की तरह एक और युद्ध की आशंका बढ़ गई है।

ताइवान में युद्ध का डर,बंदूक की ट्रेनिंग 4 गुना बढ़ी, क्या करना चाहता है चीन

China-Taiwan Tension: अगर दो देशों के बीच रिश्ते खराब हो तो एक जैकेट ही माहौल बिगाड़ने के लिए काफी है। और इसकी बानगी चीन और अमेरिका के रिश्तों में दिख रही है। विवाद ताइवान को लेकर है। और उसका जरिया Top Gun: Maverick फिल्म बनी है। जिसमें एक्टर टॉम क्रूज एक जैकेट पहने हुए नजर आ रहे हैं। उस जैकेट पर ताइवान का झंडा बना हुआ है। अब इस जैकेट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। और ऐसा माना जा रहा है चीन को उकसाने के लिए ऐसी जैकेट पहनी गई है। इसके बाद ऐसी संभावना है कि चीन में Top Gun: Maverick को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

असल में रूस और यूक्रेन के युद्ध के बाद से ताइवान को लेकर चीन की रणनीति इतनी उकसाने वाली रही है, कि अब अमेरिका (America) भी खुल कर सामने आ गया है। हाल ही में क्वॉड सम्मेल के लिए जापान गए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन को धमकी भरे लहजे में कहा था कि  अगर चीन ताइवान (China-Taiwan) पर हमला करता है तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप करेगा। ताइवान के खिलाफ बल प्रयोग करने का चीन का कदम न केवल अनुचित होगा बल्कि यह यूक्रेन में की गई कार्रवाई के समान होगा। और उनके बयान के एक हफ्ते बाद चीन ने ताइवान की हवाई क्षेत्र में अपने 30 लड़ाकू विमान भेज दिए। यानी चीन ने भी साफ कर दिया है कि वह अमेरिका की धमकी से नहीं डरने वाला है।

चीन लगातार ताइवान सीमा का कर रहा है उल्लंघन

चीन, ताइवान को चेतावनी देने के लिए लगातार हवाई सीमा का उल्लंघन करता है।  बीते एक एक अक्टूबर को चीन ने अपने राष्ट्रीय दिवस पर करीब 38 फाइटर प्लेन की ताइवान की सीमा का उल्लंघन कर उड़ाए थे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक चीन की इस नापाक हरकत में 18 J-16, 4 सुखोई-30, 2 परमाणु बम गिराने में सक्षम एच-6 बॉम्‍बर और दूसरे विमान भेजे थे। इसके बाद जनवरी और मार्च में फिर उसने ताइवान की सीमा में लड़ाकू विमान भेजे। और इसके बाद अब मई में उसने 30 लड़ाकू विमान भेजे हैं। 

ताइवान में लोग ले रहे हैं बंदूक चलाने की ट्रेनिंग

ताइवान न्यूज डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने और चीन के बढ़ते खतरे को देखते हुए ताइवान में अब आम लोग बंदूक चलाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। और इसकी संख्या में तीन से चार गुना इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए लोग बकायदा ट्रेनिंग देने वाली कंपनियों को ज्वाइन कर रहे हैं। इसी तरह एक सर्वे ( Taiwan International Strategic Study Society)में यह बात सामने आई है कि अगर चीन ताइवान पर हमला करेगा तो 70 फीसदी लोग चीन के खिलाफ ताइवान की रक्षा करेंगे। पहले यह आंकड़ा केवल 40 फीसदी था। सर्वे से साफ है कि चीन के खिलाफ ताइवान में लोगों गुस्सा बढ़ रहा है।

हमले की प्लानिंग की एक ऑडियो क्लिप हुई थी वायरल

चीन के इरादे ठीक नहीं है, यह बात बार-बार साबित हो रही है। हवाई सीमा के उल्लंघन के बीच चीन की ताइवान को लेकर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई है। इस वारयल क्लिप में चीन के वरिष्ठ अधिकारी ताइवान पर हमले की बातचीत कर रहे हैं। अब यह क्लिप जानबूझ कर जारी की गई या फिर गलती से हुई इसकी पुष्टि तो चीन ही कर सकता है। लेकिन क्लिप के बाद से चीन और ताइवान के बीच तनाव जरूर बढ़ गया है।

चीन-ताइवान में क्या है विवाद

चीन ताइवान को जहां अपना हिस्सा मानता है, वहीं ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश मानता है। ताइवान का अपना संविधान है और वहां लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार का शासन है। चीन का लक्ष्‍य ताइवान को चीन के कब्‍जे को मानने के लिए मज‍बूर करना है। असल में ताइवान और चीन के बीच विवाद की शुरूआत 1949 में शुरु हुआ था। जब 1949 में माओत्से तुंग के नेतृत्व में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने जीत हासिल कर राजधानी बीजिंग पर कब्जा कर लिया। और हार के बाद सत्ताधारी नेशनलिस्ट पार्टी (कुओमिंतांग) के लोगों को भागना पड़ा। कुओमिंतांग पार्टी के सदस्यों को ताइवान में जाकरण शरण लेनी पड़ी और वहीं पर उन्होंने अपनी सत्ता स्थापित कर ली। उसी वक्त से चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। जबकि ताइवान के लोग अपने को आजाद मुल्क मानते हैं। रूस और यूक्रेन के बाद इस तरह की आशंका बढ़ गई है कि चीन ताइवान पर हमला कर सकता है।

चीन से सेना में ताइवान का कोई मुकाबला नहीं

अगर दोनों देशों के बीच युद्ध होता है तो ताइवान चीन का मुकाबला नहीं कर पाएगा। ग्लोबल फॉयर पावर इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार चीन दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी सैन्य ताकत है। जबकि ताइवान 21 वीं बड़ी सैन्य ताकत है। चीन के पास 20 लाख सक्रिय सैनिक हैं। जबकि ताइवान के पास 1.70 लाख सैनिक हैं। चीन के पास 281 अटैक हेलिकॉप्टर हैं तो ताइवान के पास 91 अटैक हेलिकॉप्टर हैं। इसी तरह चीन के पास 3285 एयर क्रॉफ्ट हैं। जबकि ताइवान के पास 751 एयर क्रॉफ्ट हैं। चीन के पास 79 पनडुब्बियां हैं जबकि ताइवान के पास 4 पनडुब्बियां हैं। इन आंकड़ों से साफ है ताइवान अपने दम पर चीन  से मुकाबला नहीं कर सकता है लेकिन अगर यूक्रेन की तरह ताइवान को अमेरिका सहित दूसरे देशों का साथ मिला तो रूस-यूक्रेन जैसे लंबे युद्ध के हालात बन सकते हैं।

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