Britain Lockdown-2: ब्रिटेन में लॉकडाउन-2 की घोषणा,5 नवंबर से 2 दिसंबर तक रहेंगी पाबंदियां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 1, 2020, 07:50 AM IST

England Lockdown: कोरोना को देखते हुए ब्रिटेन में दूसरा लॉकडाउन लगने जा रहा है, इस बार इसका पीरियड 5 नवंबर से लेकर 2 दिसंबर तक रहेगा, पीएम बोरिस जानसन ने इसकी घोषणा की है।

Britain Lockdown-2: ब्रिटेन में लॉकडाउन-2 की घोषणा,5 नवंबर से 2 दिसंबर तक रहेंगी पाबंदियां

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना के खतरे को देखते हुए देश में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। लॉकडाउन 5 नवंबर से शुरू होगा, इसके तहत पब, रेस्तरां, गैर जरूरी दुकानें और दूसरी सुविधाओं के संचालन पर पाबंदी लगाई गई है पीएम जॉनसन ने लॉकडाउन की घोषणा करते हुए कहा है कि इंग्लैंड में 5 नवंबर से 2 दिसंबर तक के लिए पाबंदियां रहेंगी।

पीएम जॉनसन के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो ट्वीट करते हुए घर पर रहने की अपील की गई है। इसमें कहा गया है कि 4 हफ्ते के बाद हालात की समीक्षा की जाएगी और तभी इसको बढ़ाने या खत्म करने पर फैसला लिया जाएगा।

इससे पहले गुरुवार को फ्रांस में चार हफ्ते के लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद पेरिस की सड़कों पर अफरातफरी मच गई थी कोविड-19 के मामलों में वृद्धि और अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पाबंदियां लगाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए जॉनसन ने मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ शुक्रवार को बैठक की थी, बीबीसी द्वारा देखे गए दस्तावेज के मुताबिक इसमें कहा गया है कि यदि अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं लगाए गए होते तो ब्रिटेन में पहली लहर के दौरान मरने वाले लोगों की संख्या और अधिक होती।

सर्दियों में 85 हजार मौतें होने का अनुमान लगाया गया था

बीबीसी ने कहा कि यह दस्तावेज सरकार के महामारी मॉडलिंग समूह एसपीआई-एम द्वारा जॉनसन को दिखाए जाने के लिए बनाए गए प्रजेंटेशन का हिस्सा हैं। यह दस्तावेज सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार समूह फॉर इमर्जेंसी (सेज) के आधिकारिक बयानों के बाद सामने आए हैं। जिनमें यह भविष्यवाणी की गई थी कि वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है और इसके कारण सर्दियों में 85 हजार मौतें होने का अनुमान लगाया गया था। सेग सदस्य प्रोफेसर गेब्रियल स्कली ने बीबीसी को बताया कि एक राष्ट्रीय लॉकडाउन बेहद जरूरी है। बता दें कि शनिवार तक ब्रिटेन में कुल 9,92,874 मामले और 46,319 मौतें दर्ज हो चुकी थीं।

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