Russia Ukraine War: आखिर यूक्रेन के वासिलकिव शहर को क्यों निशाना बना रहा है रूस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 1, 2022, 12:43 PM IST

यूक्रेन में वासिलकिव छोटा सा प्यारा शहर है। लेकिन कीव और खारकीव की तरह यह शहर भी रूस के निशाने पर हैं। हम बताएंगे कि आखिर वासिलकिव को रूस क्यों निशाना बना रहा है।

Russia Ukraine War: आखिर यूक्रेन के वासिलकिव शहर को क्यों निशाना बना रहा है रूस

यूक्रेन का वासिलकीव शहर भी रूस के निशाने पर है। आखिर ऐसी कौन सी  वजह यह छोटा सा प्यारा सा शहर रूस की राह में रोड़ा बना हुआ है। वासिलकिव के बारे में वहां की मेयर नतालिया बालसिनोविच बताती हैं कि पिछले गुरुवार सुबह 5.13 बजे उठीं और उन्हें लगा कि बाहर आतिशबाजी हो रही है। लेकिन उनको समझ में आ गया कि वास्तव में व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला किया है। उनके शहर पर मिसाइलों की बारिश हो रही थी। वासिलकिव, कीव से बाहर करीब 20 मील की दूरी पर 36 000 लोगों का एक सुखद और शांत शहर है। इस शहर में एक सैन्य हवाई क्षेत्र है और यह यूक्रेन के चार वायु रक्षा नियंत्रण केंद्रों में से एक ठिकाना है। 

​मेयर बालसिनोविच का क्या कहना है
मेयर बालसिनोविच ने संभावित रूसी आक्रमण के बारे में अंदेशा। महापौर के तौर पर शहर को सुरक्षित रखने के लिए उनकी तरफ से हर संभव कोशिश भी हुई। उन्होंने इस बात के लिये भी खुद को तैयार किया कि अगर रूसी आक्रमण होता है तो उन्हें क्या करना है। लेकिन दिली तौर पर उन्हें कभी नहीं लगा कि ऐसा कुछ हो भी सकता है।  वो कहती हैं कि डर की वजह से 10 मिनट तक वो अपने घर का चक्कर लगाती रहीं। उन्हें कुछ नहीं सूझ रहा था। लेकिन कुछ देर बाद खुद को व्यवस्थित किया और काम पर निकल गई। 

37 वर्षीया बालसिनोविच 20 साल की उम्र से स्थानीय राजनीति में हैं और उन्हें महिलाओं के अधिकारों के लिए एक प्रचारक और घरेलू शोषण की शिकार महिलाओं की लड़ाई लड़ने वाली शख्स के तौर पर जाना जाता है। अब वह खुद को एक रूसी हमले के खिलाफ लोगों को एकजुट करने में जुटी हैं। वो बताती है कि उन्हें आश्चर्य हुआ है कि स्थानीय प्रशासकों की टीम में जो सबसे अधिक लचीला था अब वो लड़ाके की भूमिका में है। मेरी सेक्रेटरी 19 साल की है और वह लगभग 24 घंटे यहां रहती है। वह बमों से नहीं डरती और वह पूरी तरह से निडर है।

हमले की मुख्य वजह वालसिकिव में एयर फील्ड होना
मुख्य सड़क पर एक तकनीकी कॉलेज भी शिकार हुआ। इमारत के केंद्र में एक बड़ा गड्ढा बन गया है। एक विस्तृत क्षेत्र में पाइप और मलबे को फेंक दिया गया। जिस समय हमला हुआ उस समय बालासिनोविच 70 अन्य लोगों के साथ एक तहखाने में थीं। दीवारें में कंपन की वजह से सभी लोग डर गए। स्थानीय मठ से पुजारी को बुलाया और उन्हें वीडियो कॉल पर रखा और हम सभी ने एक साथ प्रार्थना की। मैंने सोचा कि यह मेरे जीवन का आखिरी क्षण था।

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