'हमारी सरकार में बदली पाकिस्‍तान की छवि', अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले बोले इमरान खान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 8, 2022, 06:02 PM IST

पाकिस्‍तान में इमरान खान के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर नेशनल असेंबली में शनिवार को वोटिंग होगी। इससे पहले पाक प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा है कि वह लोगों की सेवा करने के इरादे से राजनीति में आए हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में पाकिस्‍तान की छवि बदली है।

'हमारी सरकार में बदली पाकिस्‍तान की छवि', अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले बोले इमरान खान
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इस्‍लामाबाद : पाकिस्‍तान में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इमरान खान के खिलाफ एक बार फिर अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर नेशनल असेंबली में मतदान होना है। अदालत के फैसले से जहां विपक्ष का मनोबल बढ़ा हुआ है, वहीं इमरान खान ने एक बार फिर कहा कि उनके खिलाफ साजिश की गई। उन्‍होंने कहा कि वह पाकिस्‍तान की अवाम के साथ हैं और उनके कार्यकाल में मुल्‍क की छवि बदली है और यह विकास के रास्‍ते पर आगे बढ़ा है।

इमरान खान का यह बयान कल (शनिवार, 9 अप्रैल) पाकिस्‍तान की संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में उनके खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर होने वाली वोटिंग से पहले आया है, जिसमें उन्‍होंने फिर कहा कि वह लोगों और मुल्‍क की सेवा करने के इरादे से राजनीति में आए हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि आज दुनिया में कई तरह की खतरनाक बातें फैलाई जा रही हैं, जिनमें से एक इस्‍लामोफोब‍िया भी है, जिस पर पाकिस्‍तान ने उनके कार्यकाल में प्रभावपूर्ण तरीके से व‍िरोध जताया है।

कल होगी अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर वोटिंग

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री का यह बयान सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद आया है, जिसमें अदालत ने नेशनल असेंबली में 3 अप्रैल (रविवार) को अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर वोटिंग से पहले ही प्रस्‍ताव को खारिज किए जाने के डिप्‍टी स्‍पीकर कासिम खान सूरी के फैसले को गलत ठहराते हुए खार‍िज कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही पाकिस्‍तान की नेशनल असेंबली फिर से बहाल हो गई है, जिसे राष्‍ट्रपति आर‍िफ अल्‍वी ने प्रधानमंत्री इमरान खान की अनुशंसा पर भंग कर दिया था।

नेशनल असेंबली में इमरान खान के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर वोटिंग अब शनिवार, 9 अप्रैल को होगी, जिसमें यह तय होगा कि आखिर इमरान खान पाकिस्‍तान की सत्‍ता में बने रहते हैं या नहीं। विपक्ष के हौसले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुलंद नजर आ रहे हैं, जो पहले ही नंबर गेम में बढ़त हासिल किए नजर आ रहा है। पाकिस्‍तान के विपक्षी दलों ने अदालत के फैसले को लोकतंत्र की जीत और 'झूठ व छल' की राजनीति का अंत बताया है।

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