मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद को 31 साल की सजा, पाकिस्तान एंटी टेररिज्म कोर्ट ने सुनाई सजा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 8, 2022, 06:27 PM IST

आतंकी हाफिज सईद को 31 साल की सजा की सुनाई गई है। पाकिस्तान की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने यह सजा सुनाई है। कोर्ट ने उसकी सारी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है।

मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद को 31 साल की सजा, पाकिस्तान एंटी टेररिज्म कोर्ट ने सुनाई सजा

आतंकी हाफिज सईद को 31 साल की सजा की सुनाई गई है। पाकिस्तान की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने यह सजा सुनाई है। आतंक के दो मामलों में सजा सुनाई गई है। हाफिज मुहम्मद सईद पाकिस्तान का एक कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक है और जमात-उद-दावा का प्रमुख है। ये मुख्य रूप से पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन है। यह मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी रहा है।

एक आतंकवाद रोधी अदालत ने जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद को दो मामलों में कुल 31 साल कैद की सजा सुनाई जबकि उसकी सारी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया।  जानकारी के मुताबिक हाफिज सईद ने जिस मस्जिद और मदरसे को बनाया है। उसे कस्टडी में लिया जाएगा। हाफिज सईद पर कुल 340,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।  आतंकवाद निरोधी अदालत के न्यायाधीश एजाज बटर ने सुनवाई पूरी होने पर फैसला सुनाया।  सीटीडी ने हाफिज सईद और अन्य के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। इससे पहले भी हाफिज सईद को आतंकवाद निरोधी अदालत ने सजा सुनाई है।

हाफिज सईद को आतंकवाद निरोधी अदालत पहले भी जेल भेज चुकी है। 2020 में, उनके खिलाफ कई आतंकी वित्तपोषण मामलों में से एक में उन्हें 15 साल से अधिक जेल की सजा सुनाई गई थी।

सईद, जिसने कई आतंकी हमलों की योजना बनाई और उसे वित्तपोषित किया। 2008 में मुंबई में हुए विनाशकारी हमलों का मास्टरमाइंड था। 2008 में आतंकवादी हमलों की एक सीरीज जब लश्कर-ए-तैयबा के 10 सदस्यों ने भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में चार दिन फायरिंग और बम से हमले किए। इस आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी, सईद के सिर पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाफिज सईद को विशेष रूप से नामित ग्लोबल आतंकवादी के रूप में नामित किया है। उन्हें दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1267 के तहत सूचीबद्ध किया गया।

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