Imran Khan: इमरान खान की मुश्किलें बढ़ीं, आतंकवाद निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 21, 2022, 10:44 PM IST

Imran Khan: इससे पहले पाकिस्तान में मीडिया पर निगरानी रखने वाली संस्था ने सभी उपग्रह टेलीविजन चैनलों द्वारा पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषणों के सीधे प्रसारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

Imran Khan: इमरान खान की मुश्किलें बढ़ीं, आतंकवाद निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज
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Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इमरान खान पर इस्लामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए एक जज और दो शीर्ष अधिकारियों को धमकाने का मामला दर्ज किया गया है। वहीं इससे पहले पाकिस्तान में मीडिया पर निगरानी रखने वाली संस्था ने सभी उपग्रह टेलीविजन चैनलों द्वारा पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषणों के सीधे प्रसारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। ये कदम ऐसे वक्त उठाया गया है, जब कुछ शनिवार को इमरान खान ने इस्लामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए सरकारी प्रतिष्ठानों और सरकारी अधिकारियों को धमकी दी थी।

इमरान खान के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज 

पाकिस्तान में इमरान खान के भाषणों के सीधे प्रसारण पर लगी रोक

इमरान खान ने शनिवार को इस्लामाबाद में एक जनसभा में शीर्ष पुलिस अधिकारियों, एक महिला मजिस्ट्रेट, पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी थी। उन्होंने अपने सहयोगी शहबाज गिल के साथ हुए बर्ताव को लेकर ये धमकी दी, जिन्हें राजद्रोह के आरोपों में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था।

पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पेमरा) ने शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि टेलीविजन चैनल बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ‘‘सरकारी प्रतिष्ठानों’’ के खिलाफ सामग्री के प्रसारण को रोकने में नाकाम रहे हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘ऐसा देखा गया है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान अपने भाषणों/वक्तव्यों में सरकारी प्रतिष्ठानों पर लगातार निराधार आरोप लगा रहे हैं और उकसावे वाले बयानों के जरिए घृणास्पद भाषणों का प्रचार कर रहे हैं, जिससे कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में मुश्किल हो सकती है और इससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है।’’

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