यहां अब आइसक्रीम में भी मिला कोरोना वायरस, इतने बॉक्स करने पड़े नष्ट, 1600 लोग क्वारंटीन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 17, 2021, 08:26 PM IST

Coronavirus in ice cream: पूर्वी चीन के एक शहर में आइसक्रीम में कोरोना वायरस पाए जाने के बाद उस बैच के सभी डिब्बों को वापस मंगाया गया है।

यहां अब आइसक्रीम में भी मिला कोरोना वायरस, इतने बॉक्स करने पड़े नष्ट, 1600 लोग क्वारंटीन

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को लेकर एक चौंकाने वाली खबर आई है। दरअसल, पूर्वी चीन में उत्पादित आइसक्रीम में कोरोनो वायरस पाया गया है। इसके बाद अधिकारियों ने संभावित दूषित उत्पादों को जब्त कर लिया है। बीजिंग के निकट स्थित तियानजिन शहर की सरकार ने एक बयान जारी करके बताया कि शहर में स्थित दाकियाओदाओ फूड कंपनी को सील कर दिया गया है और उसके कर्मियों की कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी जांच की जा रही है।

कंपनी ने आइसक्रीम के 2089 डिब्बों को नष्ट कर दिया और लगभग 4836 बक्से दूषित हो गए। सरकार ने कहा कि बैच के 29,000 डिब्बों में से अधिकांश को बेचा जाना बाकी था। तियानजिन में बेचे गए 390 डिब्बों का पता लगाया जा रहा है।

आइसक्रीम के तापमान में जीवित रहा वायरस

तियानजिन के दाकियाओदाओ फूड कंपनी के 1600 कर्मचारियों को क्वारंटीन किया गया है और उनका कोविड-19 परीक्षण किया जा रहा है। उनमें से 700 कर्मचारियों की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया था कि ठंडे तापमान के कारण कोरोनो वायरस आइसक्रीम पर जीवित रहने में सक्षम होगा। अधिकारियों ने कहा है कि यह मानना है कि वायरस संक्रमित व्यक्ति के माध्यम से आइसक्रीम तक पहुंच गया होगा।

इस तरह बनी आइसक्रीम

यह भी कहा गया है कि फूड कंपनी ने आइसक्रीम के बैच बनाने के लिए कच्चे माल का इस्तेमाल किया और कई उत्पादों को न्यूजीलैंड, यूक्रेन और अन्य विभिन्न देशों से आयात किया गया था। इस आइसक्रीम में न्यूजीलैंड में बना दूध का पाउडर और यूक्रेन का छाछ पाउडर इस्तेमाल किया गया था। 

वुहान से हुई थी शुरुआत

चीन सरकार ने कहा है कि यह बीमारी किसी अन्य देश से उसके देश में पहुंची थी। उनका कहना है कि आयातित मछली एवं अन्य खाद्य सामग्रियों में कोरोना वायरस मिला है, लेकिन विदेशी वैज्ञानिकों को इस बात पर संदेह हैं। कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला वुहान में 2019 के अंत में सामने आया था।

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