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40 मिनट के ब्लैकआउट के बाद NASA से दोबारा जुड़ा आर्टेमिस II मिशन, इस वजह से टूट गया था सिग्नल

नासा से दोबारा कनेक्ट होने के बाद अंतरिक्षयात्री क्रिस्टीना कोच ने कहा कि 'पृथ्वी से आवाज सुनकर काफी अच्छा लगा।' सिग्नल दोबारा मिलने के बाद अंतरिक्षयात्रियों ने नासा के अधिकारियों से बात की। कोच ने कहा कि हम हमेशा पृथ्वी और एक-दूसरे को चुनेंगे।

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नासा का आर्टेमिस मिशन II

Artemis II Mision: नासा का आर्टेमिस II मिशन करीब 40 मिनट के ब्लैकआउट के बाद दोबारा पृथ्वी से कनेक्ट हो गया। ऐसा स्पेसक्राफ्ट के पृथ्वी के सैटेलाइट के पिछले हिस्से से गुजरने की वजह से हुआ। नासा से दोबारा कनेक्ट होने के बाद अंतरिक्षयात्री क्रिस्टीना कोच ने कहा कि 'पृथ्वी से आवाज सुनकर काफी अच्छा लगा।' सिग्नल दोबारा मिलने के बाद अंतरिक्षयात्रियों ने नासा के अधिकारियों से बात की। कोच ने कहा कि 'हम हमेशा पृथ्वी और एक-दूसरे को चुनेंगे।'

वहीं, एलन मस्क ने भी चांद के करीब से गुजरते आर्टेमिस 2 का नजारा एक्स पर पोस्ट किया है।

अंतरिक्ष उड़ान का नया अध्याय

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का चांद को लेकर 5 दशकों बाद पहला मिशन Artemis II जैसे-जैसे चांद की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इंसान की अंतरिक्ष उड़ान का नया अध्याय खुल रहा है। इस मिशन का मकसद अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से इतनी दूर ले जाना है, जितनी दूर अपोलो युग के बाद से कोई भी इंसान कभी नहीं गया है।

अपोलो 13 के रिकॉर्ड को तोड़ा

इससे पहले आर्टेमिस II टीम ने 1970 के अपोलो 13 द्वारा बनाए गए दूरी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। अनुमान था कि वे पृथ्वी से अपनी यात्रा की अधिकतम दूरी 2,52,760 मील (4,06,778 किलोमीटर) तक पहुंचकर इसे 4,105 मील (6,606 किलोमीटर) से पार कर जाएंगे। यह इस मिशन की अब तक की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक रही। अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने कहा कि यह पल 'इस पीढ़ी और अगली पीढ़ी को चुनौती देने के लिए है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम न रहे।'

जल्द ही अंतरिक्ष यात्री एक सौर ग्रहण देखेंगे

चंद्र फ्लाईबाय (लूनर फ्लाईबाय) का अवलोकन चरण लगभग रात 9:20 बजे (ईस्टर्न समय) / 01:20 GMT तक जारी रहेगा। जल्द ही अंतरिक्ष यात्री एक सौर ग्रहण देखेंगे, जब सूर्य चंद्रमा के पीछे होगा। चंद्र सतह का अवलोकन और दस्तावेज़ीकरण करने का छह घंटे से अधिक का कार्य मानव दृष्टिकोण से चंद्रमा की उन विशेषताओं को सामने लाया, जिन्हें हम अब तक मुख्य रूप से रोबोट द्वारा ली गई तस्वीरों के माध्यम से जानते थे।

ग्लोवर ने 'टर्मिनेटर' के बारे में बताया

वहीं, विक्टर ग्लोवर ने 'टर्मिनेटर' चंद्रमा के दिन और रात के बीच की सीमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा, 'वाह, काश मेरे पास थोड़ा और समय होता ताकि मैं जो देख रहा हूं उसे और विस्तार से बता पाता।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन इस समय टर्मिनेटर बेहद शानदार है। रोशनी के नजरिए से यह जितना उबड़-खाबड़ मैंने देखा है, उतना पहले कभी नहीं देखा।'

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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