गैराज के अंदर सो रहा था चंचल, बाहर से आग लगा दी, बांग्लादेश में एक और हिंदू की निर्मम हत्या
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Jan 25, 2026, 10:39 AM IST
यह घटना नरसिंगदी पुलिस लाइन्स से सटे मस्जिद बाजार क्षेत्र के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हमला शुक्रवार की देर रात हुआ जब चंचल गैराज के अंदर सो रहा था। हमलावरों ने बाहर से दुकान के शटर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी...
बांग्लादेश में एक और हिंदू की निर्मम हत्या (File photo)
Hindu man burned alive in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं पर कहर का सिलसिला जारी है। नरसिंगदी जिले में एक 23 वर्षीय हिंदू युवक की गैराज के अंदर जलकर हत्या कर दी गई। पीड़ित की पहचान चंचल चंद्र भौमिक के रूप में हुई है, जो कई वर्षों से गैराज में काम कर रहा था। वह मूल रूप से कुमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला था और काम के सिलसिले में नरसिंगदी में रह रहा था। चंचल अपने परिवार का मंझला बेटा था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है और इस घटना के साथ ही देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
गैराज के अंदर सो रहा था चंचल
खबरों के मुताबिक, यह घटना नरसिंगदी पुलिस लाइन्स से सटे मस्जिद बाजार क्षेत्र के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हमला शुक्रवार की देर रात हुआ जब चंचल गैराज के अंदर सो रहा था। हमलावरों ने बाहर से दुकान के शटर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे लपटें तेजी से अंदर फैल गईं। घटना से संबंधित एक वीडियो में एक व्यक्ति को दुकान के बाहर आग लगाते हुए दिखाया गया है, जिसके बाद कुछ ही देर में आग गैराज में फैल गई।
स्थानीय निवासियों ने अग्निशमन सेवा को सूचना दी। नरसिंगदी दमकल सेवा की एक टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद गैरेज के अंदर से चंचल का जला हुआ शव बरामद किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चंचल लंबे समय तक आग में फंसा रहा और दर्दनाक मौत मर गया। परिवार ने इस घटना को सुनियोजित हत्या करार दिया है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
इस हत्या से इलाके में तनाव फैल गया है और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं फिर से बढ़ गई हैं। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से सबूत जुटा लिए गए हैं, सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय हिंदू समुदाय के नेताओं ने इस क्रूर हत्या की कड़ी निंदा की और दोषियों की शीघ्र पहचान और गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का भी आग्रह किया।
हिंदुओं की हत्या का सिलसिला
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाकर भीड़ द्वारा किए गए हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं, जो भारत विरोधी कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की है। 18 दिसंबर को एक कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोपों पर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में आग लगा दी। कुछ दिनों बाद अमृत मंडल को राजबारी जिले में जबरन वसूली के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।
इन घटनाओं के बावजूद हिंसा जारी है। पिछले सप्ताह, कालीगंज में भीड़ के हमले में हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास की हत्या कर दी गई। एक अन्य मामले में पेट्रोल पंप पर बिना भुगतान किए भाग रहे वाहन को रोकने की कोशिश में पेट्रोल पंप कर्मचारी रिपन साहा को कुचलकर मार डाला गया।