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युद्ध समाप्त करने में सहायक होगी पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा; अमेरिका ने इस पहल का किया स्वागत

America welcomed PM Modi:भारतीय प्रधानमंत्री के यूक्रेन दौरे की सराहना अमेरिका ने की है। अमेरिका ने किया पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा का स्वागत करते हुए कहा यदि कोई अन्य देश रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए मदद करने को तैयार है, तो हम उसका स्वागत करते हैं।

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पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा का अमेरिका ने किया स्वागत।

US on PM Modi's Visit Ukraine: अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन यात्रा का स्वागत किया है और कहा है कि इससे रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने में सहायता मिल सकती है। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने शुक्रवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए भारत एक मजबूत साझेदार है, और प्रधानमंत्री का कीव जाना और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बातचीत करना, संघर्ष को समाप्त करने में सहायक हो सकता है। यह राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के न्यायपूर्ण शांति के दृष्टिकोण के अनुरूप है।'

राष्ट्रपति जेलेंस्की इस मामले में क्या सोचते हैं?

उन्होंने कहा, 'यदि कोई अन्य देश यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए मदद करने को तैयार है, तो हम उसका स्वागत करते हैं। लेकिन मदद करने से हमारा मतलब है कि इसमें यूक्रेन के लोगों के साथ बातचीत शामिल होनी चाहिए, और इसकी शुरुआत इस बात को समझने से होनी चाहिए कि राष्ट्रपति जेलेंस्की इस मामले में क्या सोचते हैं।'

शुक्रवार को जेलेंस्की के साथ मुलाकात के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत और कूटनीति से रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की सैद्धांतिक स्थिति और प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने क्षेत्र में शांति की शीघ्र वापसी के लिए 'सभी संभव तरीकों' से योगदान करने के लिए भारत की तत्परता को भी दोहराया।

पीएम मोदी ने यूक्रेन की सरकार को दिया धन्यवाद

कीव में द्विपक्षीय चर्चा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'यूक्रेन की मेरी यात्रा ऐतिहासिक थी। मैं भारत-यूक्रेन मित्रता को गहरा करने के उद्देश्य से इस महान राष्ट्र में आया हूं। राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ मेरी सार्थक बातचीत हुई। भारत का दृढ़ विश्वास है कि शांति हमेशा बनी रहनी चाहिए। मैं यूक्रेन की सरकार और लोगों को स्वागत करने के लिए धन्यवाद देता हूं।'

फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद भारतीय छात्रों को देश से सुरक्षित निकालने में सहायता और समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने जेलेंस्की और यूक्रेनी अधिकारियों को धन्यवाद दिया।

वार्ता के बाद जारी किया गया एक संयुक्त बयान

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने सभी पक्षों के बीच 'ईमानदारी और व्यावहारिक जुड़ाव' की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि ऐसे समाधान विकसित किए जा सकें जिन्हें व्यापक रूप से स्वीकार किया जाएगा और जो शांति की शीघ्र बहाली में योगदान देंगे।

इसमें यह भी कहा गया कि दोनों नेता भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक साझेदारी से रणनीतिक साझेदारी में ले जाने पर काम करेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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