पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता के लिए मंच सज चुका है। ट्रंप इस वार्ता के लिए जेडी वेंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं, वही ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक होर्मुज से अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटेगी वो इस वार्ता में नहीं शामिल होगा। इस बीच भारत ने भी अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रियाद में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात की है। इस दौरान दोनों पक्षों ने सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, यह बैठक सऊदी राजधानी में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच संयुक्त सहयोग के क्षेत्रों के साथ-साथ नवीनतम क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। पश्चिम एशिया संकट और सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के सैन्य राजनयिक संबंधों के बीच यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अजीत डोभाल की यह यात्रा तब हुई है जब हाल ही में शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब, कतर और तुर्की की यात्रा की।
हाल ही में पीएम मोदी ने की थी सऊदी अरब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात
इससे पहले बीते माह के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सऊदी अरब के समकक्ष और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की थी। इस दौरान दोनों के बीच पश्चिम एशिया में युद्ध पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी थी। वार्ता के दौरान उन्होंने दोहराया कि भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा करता है।इस्लामाबाद में तैयारियां तेज
वहीं, दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की संभावित वार्ता से पहले इस्लामाबाद में तैयारियां तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रशासन ने कई पर्यटन स्थलों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात
इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बात की है। शहबाज शरीफ ने 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी। शहबाज ने कहा, ''मैंने ईरानी राष्ट्रपति के साथ क्षेत्रीय स्थिति के बदलते परिदृश्य पर एक गर्मजोशीपूर्ण और रचनात्मक बातचीत की। मैंने ईरान की सक्रिय भागीदारी की सराहना की, जिसमें ऐतिहासिक वार्ता के लिए इस्लामाबाद भेजा गया उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और तेहरान में असीम मुनीर के साथ हालिया चर्चाएं शामिल हैं।''
