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तेहरान पर हवाई हमले, निशाने पर यूनिवर्सिटी, रात भर गूंजती रहीं धमाकों की आवाजें, 13 की मौत

सोमवार तड़के ईरान की राजधानी में हुए सिलसिलेवार हवाई हमलों में शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इन हमलों और वहां की इमारतों के साथ-साथ परिसर के पास स्थित प्राकृतिक गैस वितरण स्थल को हुए नुकसान की जानकारी दी।

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तेहरान पर रातभर हमला

Photo : AP

Airstrikes Hit Tehran University: रविवार देर रात और सोमवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान पर सिलसिलेवार हवाई हमले हुए। रात भर धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं। हवाई हमलों में शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया। घंटों तक रुक-रुक कर कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई देती रही। इजराइल में अधिकारियों ने एक मिसाइल अलर्ट जारी किया। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में, हवाई सुरक्षा बलों द्वारा फायरिंग के साथ दो अलर्ट जारी किए गए, लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि ईरान ने किसे निशाना बनाया था।

कम से कम 13 लोग मारे गए

ईरानी मीडिया के मुताबिक, सोमवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक शहर में एक रिहायशी इमारत पर हवाई हमला हुआ, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए। अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी और नूर न्यूज ने इस्लामशर के पास हुए इस हमले की जानकारी दी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इमारत पर हमला क्यों किया गया। सोमवार तड़के हुए इन हमलों की जिम्मेदारी न तो इजराइल और न ही अमेरिका ने ली है, लेकिन ये हमले ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई उस धमकी के बाद हुए हैं जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही थी।

विश्वविद्यालय को बनाया निशाना

सोमवार तड़के ईरान की राजधानी में हुए सिलसिलेवार हवाई हमलों में शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इन हमलों और वहां की इमारतों के साथ-साथ परिसर के पास स्थित प्राकृतिक गैस वितरण स्थल को हुए नुकसान की जानकारी दी। विश्वविद्यालय परिसर में किन चीजों को निशाना बनाया गया था, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया है। युद्ध के कारण देश के सभी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं, इसलिए विश्वविद्यालय में छात्र नहीं हैं।

कई देशों ने वर्षों से विश्वविद्यालय पर सैन्य सहयोग, विशेष रूप से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में सहयोग के लिए प्रतिबंध लगाए हैं। यह कार्यक्रम देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा नियंत्रित है।

रात भर धमाकों की आवाज गूंजती रही

युद्ध के दौरान बार-बार हमलों का सामना करने के कारण गार्ड और अन्य सुरक्षा बल द्वितीयक स्थलों को रैली स्थलों के रूप में उपयोग कर रहे हैं। रात भर धमाकों की आवाज गूंजती रही। घंटों तक रुक-रुक कर कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई देती रही। इस बीच, सरकारी अखबार 'ईरान' ने एक ऑनलाइन संदेश में बताया कि कोम के एक आवासीय क्षेत्र में हुए हवाई हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए।

यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले का लक्ष्य क्या था। ईरान ने कई दिनों से युद्ध में हताहतों की कुल संख्या नहीं बताई है। उसने अपने सैन्य नुकसानों पर भी कोई चर्चा नहीं की है।

कुवैत ने रोके हमले

कुवैत ने भी कहा कि उसकी हवाई सुरक्षा ने रात भर कई बार आने वाले हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई की। इस बीच, सरकारी अखबार 'ईरान' ने एक ऑनलाइन संदेश में बताया कि कोम के एक रिहायशी इलाके में हुए हवाई हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए। कोम तेहरान के ठीक दक्षिण में स्थित एक पवित्र शिया मदरसा शहर है। यह स्पष्ट नहीं है कि हमले का लक्ष्य क्या था। ईरान ने कई दिनों से युद्ध में हताहतों की कुल संख्या जारी नहीं की है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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