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पाक सरकार की डेडलाइन के बाद अब पाकिस्तान छोड़ने लगे अफगान नागरिक, बड़ी संख्या में सीमा की तरफ बढ़े

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Oct 31, 2023, 11:00 PM IST

पाकिस्तान द्वारा दी गई समय सीमा एक नयी प्रवासी विरोधी कार्रवाई का हिस्सा है जो बिना दस्तावेज वाले सभी या अपंजीकृत विदेशी नागरिकों के लिए हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव अफगान पर पड़ा है।

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पाकिस्तान छोड़ने लगे अफगानी नागरिक (फोटो- Canva)

जिस पाकिस्तान को अपना समझकर अफगानियों ने पनाह ली थी, अब उन्हें वहीं से भगाया जा रहा है। अमेरिका और तालीबान की जब लड़ाई अफगानिस्तान में चल रही थी, तब हजारों अफगान पाकिस्तान आकर बस गए थे। तब अपने फायदे के कारण पाकिस्तान ने उन्हें पनाह भी दिया था। जब तालिबान सत्ता में लौटा तो पाकिस्तान जमकर खुश हुआ, लेकिन जब तालिबान के साथ मतभेद हुए तो पाक ने अफगान नागरिकों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दे दिया।

सीमा की ओर रवाना

पाकिस्तान में अवैध तरीके से रह रहे अफगान नागरिक बड़ी संख्या में ट्रकों और बसों में सवार होकर मंगलवार को अपने देश के लिए रवाना हुए। अवैध रूप से रह रहे अफगान नागरिकों को देश छोड़ने के लिए पाकिस्तान सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से कुछ घंटे पहले लोग सीमा की तरफ रवाना हुए। सरकार ने कहा था जो लोग नहीं जाएंगे उन्हें निर्वासित किया जाएगा।

हो रही आलोचना

पाकिस्तान द्वारा दी गई समय सीमा एक नयी प्रवासी विरोधी कार्रवाई का हिस्सा है जो बिना दस्तावेज वाले सभी या अपंजीकृत विदेशी नागरिकों के लिए हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव अफगान पर पड़ा है, जो पाकिस्तान में प्रवासियों का बड़ा हिस्सा हैं। अवैध रूप से रह रहे अफगान नागरिकों को निकाले जाने के अभियान की संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, अधिकार समूहों और अफगानिस्तान में तालिबान के नेतृत्व वाले शासन की ओर से व्यापक आलोचना हुई है।

पाक की चेतावनी

पाकिस्तानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो लोग अवैध रूप से देश में हैं, उन्हें 31 अक्टूबर के बाद गिरफ्तारी और निर्वासन का सामना करना पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान में 20 लाख से अधिक अफगान हैं, जिनमें से कम से कम 6,00,000 लोग 2021 में तालिबान के सत्ता पर काबिज होने के बाद भागकर आए थे। सरकार इस बात पर जोर दे रही है कि वह अफगान को निशाना नहीं बना रही है, लेकिन यह अभियान पाकिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान के तालिबान शासकों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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