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झूठ पर झूठ बोलने के बाद आखिर PAK ने माना भारत का लोहा, शहबाज बोले-हां, IAF ने तबाह किया नूर खान एयरबेस

Nur Khan Airbase : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मान लिया है कि 10 मई को नूर खान एयरबेस पर भारतीय मिसाइल गिरी और यह एयरबेस तबाह हुआ। इससे पहले पाकिस्तान नूर खान एयरबेस को नुकसान पहुंचने की रिपोर्टों से लगातार इंकार करता आया है लेकिन उसने अब सच कबूल कर लिया है।

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पाकिस्तान ने माना-नूरखान एयरबेस पर भारतीय मिसाइल गिरी।

Nur Khan Airbase : 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपने नूर खान एयरबेस को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचने का दावा करने वाले पाकिस्तान ने आखिरकार सच कबूल कर लिया है। उसने मान लिया है कि भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक में उसका यह एयरबेस तबाह हुआ। यह कबूलनामा किसी और ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया है। शहबाज ने माना है कि 10 मई को नूर खान एयरबेस पर भारतीय मिसाइल गिरी और यह एयरबेस तबाह हुआ।

सामना स्वदेशी तकनीक, चीनी फाइटर जेट से किया-शहबाज

रिपोर्टों के मुताबिक शरीफ ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने रात के करीब 2.30 बजे उन्हें फोन किया और नूर खान एयरबेस पर हुए हमले के बारे में बताया। शहबाज के मुताबिक इस भारतीय हमले का सामना पाकिस्तान ने अपनी स्वदेशी तकनीक और चीनी फाइटर जेट से किया। पाकिस्तानी पीएम ने माना कि इसके बावजूद भारतीय मिसाइलें नूर खान एयरबेस को तबाह करने में कामयाब हुईं।

जनरल मुनीर ने सिक्योर लाइन पर फोन किया

शुक्रवार को पाकिस्तान की सेना के सम्मान में यौम-ए-तशक्कुर (धन्यवाद दिवस) मनाए जाने के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, '9-10 (मई) की दरमियानी रात सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने मुझे सिक्योर फोन पर मुझे बताया कि भारत ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल अभी लॉन्च किए हैं। एक नूर खान एयरपोर्ट पर गिरा है और कुछ दूसरे इलाकों पर गिरे हैं।'

शहबाज ने की शांति की बात

इससे पहले शहबाज ने भारत के साथ शांति की पेशकश की। उन्होंने कहा कि ‘सबक यह है कि शांतिपूर्ण पड़ोसियों की तरह दोनों मुल्कों को बैठकर जम्मू कश्मीर सहित सभी लंबित मुद्दों को सुलझाना चाहिए। इन मुद्दों के समाधान के बिना हम दुनिया के इस हिस्से में शांति नहीं ला सकते।’भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान के साथ केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा।

शहबाज ने कहा, ‘अगर शांति होती है, तो हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी सहयोग कर सकते हैं।’ इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मुख्य अतिथि थे, जिसमें शीर्ष सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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