Hezbollah News: अमेरिकी प्रशासन ने लेबनान स्थित हिज्बुल्ला पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं और उसे ईरान के प्रॉक्सी के रूप में फिर से सूचीबद्ध किया है। सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा अमेरिकी वित्त विभाग ने 10 लोगों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं, इनके ऊपर हिज्बुल्ला को कैश ट्रांसफर करने वाले नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इस नेटवर्क में लेबनान, तुर्किये, यूएई और ईरान के बीच कमर्शियल एयरलाइन की उड़ानों से यात्रा करने वाले कूरियर शामिल थे, जो अलग-अलग देशों के बीच बड़ी मात्रा में धन पहुंचाते थे।
'हिज्बुल्ला को प्रतिबंधों से बचने का रास्ता मिलता है'
ट्रेजरी विभाग ने एक बयान में कहा, 'यह नेटवर्क लेबनान, तुर्किये, यूएई और ईरान के बीच कमर्शियल एयरलाइन की उड़ानों से यात्रा करने वाले कूरियरों का इस्तेमाल करता है। ये कूरियर अलग-अलग देशों के बीच करोड़ों डॉलर तक की रकम पहुंचाते हैं। इससे हिजबुल्ला को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से बाहर विदेशी मुद्रा हासिल करने और प्रतिबंधों से बचने का रास्ता मिलता है।'
IRGC-QF की ओर से काम करता है हिज्बुल्ला
CNN ने अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि इस पुनर्निर्धारण का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि हिजबुल्ला ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (IRGC-QF) की ओर से काम करता है और यह 'अपने आप में स्वतंत्र संगठन नहीं है।' CNN के अनुसार अधिकारी ने कहा, 'यह निर्धारण औपचारिक रूप से यह मान्यता देता है कि हिजबुल्ला के सैन्य अभियान, बाहरी सुरक्षा गतिविधियां और प्रमुख वित्तीय नेटवर्क IRGC-QF के विस्तार के रूप में काम करते हैं। IRGC-QF ईरान का अपनी सीमाओं के बाहर आतंकवाद संचालित करने का प्रमुख माध्यम है। यह लेबनानी प्रतिरोध आंदोलन नहीं है।'
इजराइल और लेबनान के बीच शांति वार्ता
अमेरिका लंबे समय से हिजबुल्ला और IRGC-QF दोनों को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध करता रहा है। हिजबुल्ला लेबनान का एक राजनीतिक दल होने के साथ-साथ एक सशस्त्र संगठन भी है। CNN के अनुसार, यह ताजा कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ट्रंप प्रशासन इजराइल और लेबनान के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है।
