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150 साल बाद अमेरिका में फिर दोहराया गया इतिहास, ट्रंप से पहले गिरफ्तार हुए थे राष्ट्रपति यूलिसिस एस ग्रांट

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 5, 2023, 12:47 PM IST

Ulysses S Grant : यूलिसिस की गिरफ्तारी का मामला उस समय सुर्खियों में नहीं आया। यह मामला 1908 तक प्रेस से दूर रहा। साल 1908 में वाशिंगटन के 'द संडे स्टार' अखबार ने रिटायर हो चुके उस पुलिस अधिकारी का साक्षात्कार लिया जिसने अमेरिका के 18वें राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया था। तब जाकर यह मामला प्रकाश में आया।

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बग्धी तेज चलाने पर गिरफ्तार हुए थे राष्ट्रपति यूलिसिस।

Photo : AP

Ulysses S Grant : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर सुर्खियों में हैं। कदाचार के मामले में सोमवार रात थोड़ी देर के लिए उनकी गिरफ्तारी हुई। ट्रंप पर आरोप है कि 2016 में राष्ट्रपति पद के चुनाव के दौरान उन्होंने अपने खिलाफ नकारात्मक बातें रोकने के लिए अवैध रूप से धन का भुगतान किया। ट्रंप पर लगे 34 संगीन आरोपों में एडल्ट स्टार स्टार्मी डेनियल को पैसे देने का आरोप भी है। आरोप है कि डेनियल को चुप रहने के लिए ट्रंप की ओर से उन्हें पैसे दिए गए। हालांकि, इन आरोपों को ट्रंप ने सिरे से खारिज हुए खुद को निर्दोष बताया है।

बग्घी तेज चलाने पर गिरफ्तार हुए यूलिसिस एस ग्रांट

कदाचार के मामले में गिरफ्तार होने वाले ट्रंप अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं। हालांकि, इसी तरह का मामला आज से 150 साल पहले भी अमेरिका में आया था जब तत्कालीन राष्ट्रपति यूलिसिस एस ग्रांट की गिरफ्तारी हुई थी। साल 1872 में राष्ट्रपति यूलिसिस को वाशिंगटन में अपनी बग्घी तेज गति से चलाने पर गिरफ्तार होना पड़ा था। वाशिंगटन की सड़कों पर गश्त करने वाले पुलिसकर्मी ने पहली बार उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया लेकिन जब राष्ट्रपति दूसरी बार बग्घी तेज गति से दौड़ाते दिखे तो पुलिसकर्मी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

करीब 100 साल बाद पुलिस ने घटना की पुष्टि की

यूलिसिस की गिरफ्तारी का मामला उस समय सुर्खियों में नहीं आया। यह मामला 1908 तक प्रेस से दूर रहा। साल 1908 में वाशिंगटन के 'द संडे स्टार' अखबार ने रिटायर हो चुके उस पुलिस अधिकारी का साक्षात्कार लिया जिसने अमेरिका के 18वें राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया था। तब जाकर यह मामला प्रकाश में आया। खास बात है कि यूलिसिस को गिरफ्तार करने वाला पुलिसकर्मी विलियम वेस्ट अश्वेत (ब्लैक) था। वेस्ट गृह युद्ध के दौरान यूनियन आर्मी में सेवा दे चुके थे। इस साक्षात्कार के बाद भी राष्ट्रपति की गिरफ्तारी पर वर्षों तक संशय बना रहा। लेकिन घटना के करीब 100 साल बाद वाशिंगटन पुलिस विभाग ने इसकी पुष्टि की।

पहली बार आपराधिक मामले में अरेस्ट हुए पूर्व राष्ट्रपति

ट्रंप 2016 के राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार के दौरान अश्लील फिल्मों की अभिनेत्री स्टार्मी डेनियल को मुंह बंद रखने के लिए धन देने के आरोपों से जुड़े आपराधिक मामले में सुनवाई के लिए मंगलवार को मैनहट्टन की अदालत में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे।इससे पहले मैनहट्टन जिला अटॉर्नी के कार्यालय में उन्हें गिरफ्तार किया गया। अमेरिका के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी पूर्व राष्ट्रपति को आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया गया।

मेरे खिलाफ साजिश रची गई-ट्रंप

मामले में सुनवाई के बाद ट्रंप फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो में अपने आवास पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 25 मिनट के भाषण में पहले की गई अपनी बातों को दोहराया और कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने उनके खिलाफ साजिश रची है, ताकि उन्हें फिर से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने से रोका जा सके। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ‘कभी नहीं सोचा था कि अमेरिका में ऐसा कुछ हो सकता है। मेरा एकमात्र अपराध यह है कि मैं इस देश को नष्ट करने की मंशा रखने वाले लोगों से हमारे देश की निडरता से रक्षा करने को लेकर प्रतिबद्ध हूं।’

मामले की अब दिसंबर महीने में सुनवाई

मैनहट्टन कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई दिसंबर महीने में करेगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख चार दिसंबर मुकर्रर की है। इस दिन ट्रंप को कोर्ट मे पेश होने के लिए कहा गया है। कोर्ट में आरोपित होने के बाद ट्रंप ने कुछ नहीं कहा, वह सीधे अपने वाहनों के काफिले के पास चले गए। उन पर लगे अभियोग में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव की शुचिता को कमजोर करने के लिए साजिश रची। सीएनएन की रिपोर्ट में अभियोजनकर्ताओं के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप अपने खिलाफ नकारात्मक खबरें दबाने वाली साजिश का हिस्सा थे। सूचनाओं को दबाने के लिए उनकी तरफ से 130,000 अमेरिकी डॉलर का अवैध रूप से भुगतान किया गया।
आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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