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अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर पर बड़बोले आसिफ ख्वाजा का बयान तालिबान सरकार को नहीं आया रास, दावे की यूं निकाली हवा

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को कहा था कि अफगानिस्तान के साथ संघर्ष विराम समझौता तालिबान की सीमा पार से उनके देश पर हमला करने वाले आतंकवादियों पर लगाम लगाने की प्रतिबद्धता पर टिका है।

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पाकिस्तान के साथ सीजफायर पर तालिबान सरकार का बयान (Photo/X@Zabehulah_M33)

Afghanistan Pakistan Ceasefire: अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर को लेकर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ ख्वाजा के बयानों को तालिबान सरकार ने खारिज किया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय की तरफ से एक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि इस्लामी अमीरात (तालिबान सरकार) के रक्षा मंत्री ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जो बातें कहीं थीं, उनकी गलत व्याख्या की जा रही है। रक्षा मंत्रालय स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान के साथ किसी तरह का कोई नया समझौता नहीं हुआ है। यह बयान केवल दोनों देशों के बीच पारस्परिक सम्मान और सीमा पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में था। किसी भी सैन्य, खुफिया (इंटेलिजेंस) या बुनियादी ढांचे से जुड़ा कोई समझौता नहीं किया गया है। मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों का उपयोग किया जाएगा, लेकिन यह कहना कि कोई औपचारिक समझौता हुआ है, पूरी तरह गलत है।

ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा था?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को कहा था कि अफगानिस्तान के साथ संघर्ष विराम समझौता तालिबान की सीमा पार से उनके देश पर हमला करने वाले आतंकवादियों पर लगाम लगाने की प्रतिबद्धता पर टिका है। उनका यह बयान दोहा में कतर और तुर्की की मदद से हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों द्वारा संघर्ष विराम पर सहमति जताए जाने के एक दिन बाद आया। डॉन अखबार के अनुसार, आसिफ के हवाले से कहा गया कि अफगानिस्तान से आने वाली कोई भी चीज इस समझौते का उल्लंघन होगी। सब कुछ इसी एक शर्त पर टिका है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्की और कतर द्वारा हस्ताक्षरित समझौते में यह स्पष्ट रूप से कहा गया था कि कोई भी घुसपैठ नहीं होगी। उन्होंने कहा, जब तक पहले से लागू समझौते का कोई उल्लंघन नहीं होता, तब तक हमारे बीच एक संघर्ष विराम समझौता है। आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के खतरे को खत्म करना है।

सरकारी रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, अल-जजीरा अरबी को दिए एक साक्षात्कार में ख्वाजा ने कहा कि आतंकवाद वर्षों से पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि आतंकवाद का तत्काल उन्मूलन जरूरी है और दोनों देश आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए गंभीर प्रयास करेंगे, अन्यथा क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा हो सकता है। आसिफ ने कहा कि समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के लिए अगले सप्ताह इस्तांबुल में एक और बैठक होगी।

उन्होंने कहा कि अफगान रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने स्वीकार किया है कि आतंकवाद हमारे संबंधों में तनाव का मुख्य कारण है, जिसका अब समाधान किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब शांति लौटेगी और पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध सामान्य होंगे। परिणामस्वरूप, पाकिस्तान-अफगानिस्तान व्यापार और पारगमन भी फिर से शुरू हो जाएगा, और अफगानिस्तान पाकिस्तानी बंदरगाहों का इस्तेमाल कर सकेगा।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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