दुनिया

Earthquake in Nevada: अमेरिका के Nevada में आया 5.7 तीव्रता का भूकंप, नुकसान की भी खबर

Earthquake in Nevada: फालन शहर में शूट किए गए वीडियो में एक किराने की दुकान के गलियारों में कांच के टुकड़े बिखरे और खाना फर्श पर बिखरा हुआ दिखाई दे रहा था।

Image

यूएस के नेवाडा में भूकंप

Photo : iStock

Earthquake in USA: सोमवार को अमेरिका में नेवादा की राजधानी कार्सन सिटी के पूर्व में स्थित ग्रामीण इलाके में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप शाम 6:30 बजे से ठीक पहले आया। इसका केंद्र सिल्वर स्प्रिंग्स शहर से 20.7 किलोमीटर पूर्व में 5 किलोमीटर की गहराई पर था। फालन शहर में शूट किए गए वीडियो में एक किराने की दुकान के गलियारों में कांच के टुकड़े बिखरे और खाना फर्श पर बिखरा हुआ दिखाई दे रहा था।

भूकंप लगभग एक मिनट तक जारी रहा

ट्रिना एनलो अपनी एक बेटी के साथ डाइनिंग रूम में बैठकर होमवर्क कर रही थीं, तभी भूकंप आया। एनलो ने कहा, भूकंप आने से पहले ही हमें उसकी गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी थी। उन्होंने बताया कि भूकंप लगभग एक मिनट तक जारी रहा। भूकंप से लोहे के कुछ मोमबत्ती स्टैंड गिर गए, लेकिन एनलो को फालन स्थित अपने घर में कोई दरार या नुकसान नहीं दिखाई दिया। अमेरिकी भूगर्भ विज्ञान विभाग (यूएसजीएस) ने बताया कि आसपास के कुछ इलाकों के निवासियों ने तेज से बहुत तेज भूकंप के झटके और हल्के से मध्यम स्तर की क्षति की सूचना दी है।

कम गहराई का भूकंप ज्यादा खतरनाक है या ज्यादा गहराई का?

भूकंप की गहराई यह तय करने में बहुत अहम भूमिका निभाती है कि उसका असर जमीन पर कितना खतरनाक होगा। सामान्य तौर पर कम गहराई (शैलो) का भूकंप ज्यादा खतरनाक माना जाता है, जबकि ज्यादा गहराई (डीप) का भूकंप अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचाता है, भले ही उसकी तीव्रता अधिक क्यों न हो।

कम गहराई वाले भूकंप आमतौर पर पृथ्वी की सतह से 0 से 70 किलोमीटर के बीच आते हैं। चूंकि इनका केंद्र जमीन के काफी करीब होता है, इसलिए इनके झटके सीधे और तेज़ी से सतह तक पहुंचते हैं। इससे इमारतों, सड़कों और अन्य ढांचों को अधिक नुकसान होने की संभावना रहती है। ऐसे भूकंप में कंपन तीव्र महसूस होता है और जान-माल की हानि का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं, ज्यादा गहराई वाले भूकंप 300 से 700 किलोमीटर तक की गहराई में भी आ सकते हैं। इनकी ऊर्जा सतह तक पहुंचते-पहुंचते काफी हद तक कमजोर हो जाती है। इसलिए भले ही इनकी तीव्रता अधिक हो, लेकिन जमीन पर इनका असर अपेक्षाकृत कम होता है और नुकसान सीमित रह सकता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article