दुनिया

33 इजरायलियों के बदले 1904 फिलिस्तीनियों को करना होगा रिहा, गाजा समझौते के बाद आजाद होने जा रहे हैं इजराइली कैदी

इजराइल के 65 और लोग हमास के कब्जे में हैं, जिनमें से कई अब जीवित नहीं हैं। इन लोगों को समझौते के दूसरे चरण के हिस्से के रूप में वापस किया जाना है, अगर यह समझौता हो जाता है, तो इससे गाजा में स्थायी युद्धविराम भी हो जाएगा।

Image

हमास के कब्जे से वापस आने लगे बंधक (फाइल फोटो)

Photo : AP

इजरायल गाजा में मौजूद 33 बंधकों के बदले में 1,904 फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को रिहा करेगा। यह अदला बदली इजरायल-हमास युद्धविराम समझौते के तहत होगी जिसे रविवार सुबह इजरायली सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी। इनमें कुछ वो कैदी भी हैं जिन्हें 2011 में इजरायली सैनिक गिलाद शालिट के बदले में रिहा किया गया था लेकिन बाद में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।

किन कैदियों को रिहा करने जा रहा इजरायल?

'द टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट के मुताबिक इस आंकड़े में जेल में बंद 737 कैदी शामिल हैं, जिनमें से कुछ हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इनमें हमास, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के फतह आंदोलन के सदस्य शामिल हैं, साथ ही इजरायली जेलों में बंद महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इनमें कुछ वो कैदी भी हैं जिन्हें 2011 में इजरायली सैनिक गिलाद शालिट के बदले में रिहा किया गया था लेकिन बाद में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।

735 फिलिस्तीनी कैदियों के नाम प्रकाशित

रिपोर्ट के अनुसार न्याय मंत्रालय ने शनिवार तक 735 फिलिस्तीनी कैदियों के नाम प्रकाशित कर दिए, ताकि उनकी रिहाई के खिलाफ याचिकाएं उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकें। इन 735 कैदियों के अलावा आईडीएफ के जमीनी हमले के दौरान गाजा पट्टी में हिरासत में लिए गए 1,167 फिलिस्तीनियों को भी रिहा किया जाएगा, जिन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 के हमले में भाग नहीं लिया था।

कितने जीवित कंफर्म नहीं

33 बंधकों में से कितने जीवित हैं, इस हिसाब से संख्या में उतार-चढ़ाव हो सकता है। हमास ने अभी तक जानकारी नहीं दी है, हालांकि इजरायल का मानना है कि उनमें से ज्यादातर जीवित हैं। रविवार को तीन महिला बंधकों को रिहा किया जाएगा। सूची में शामिल अन्य 30 बंधकों को समझौते के 42-दिवसीय प्रथम चरण के अंत तक प्रत्येक शनिवार को रिहा किया जाएगा। बंधकों को समझौतों की शर्तों के मुताबिक कई फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में मुक्त किया जाएगा।

एक सैनिक के लिए 50 कैदी

रिपोर्ट के मुताबिक जीवित महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में से प्रत्येक के लिए 30 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा। नौ बीमार बंधकों के लिए 110 कैदियों को रिहा किया जाएगा; प्रत्येक महिला आईडीएफ सैनिक के लिए 50 कैदियों को रिहा किया जाएगा। दो बंधकों [एवेरा मेंगिस्टू और हिशाम अल-सईद] के बदले प्रत्येक के लिए 30 कैदियों को रिहा किया जाएगा। ये दोनों एक दशक से गाजा में बंद हैं। इसके अलावा 2011 के शालिट डील में रिहा किए गए और फिर से गिरफ्तार किए गए 47 फिलिस्तीनियों को भी रिहा किया जाएगा। पहले चरण में बंधकों के शवों के लिए, इजरायल 1,000 से अधिक गाजा बंदियों को रिहा करेगा।

हमास के कब्जे में कितने लोग

33 के अलावा, 65 और लोग हमास के कब्जे में हैं, जिनमें से कई अब जीवित नहीं हैं। इन लोगों को समझौते के दूसरे चरण के हिस्से के रूप में वापस किया जाना है, अगर यह समझौता हो जाता है, तो इससे गाजा में स्थायी युद्धविराम भी हो जाएगा। न्याय मंत्रालय ने कहा कि कैदियों को रविवार को शाम 4 बजे से पहले रिहा नहीं किया जाएगा - लगभग उसी समय जब युद्धविराम लागू होने के साढ़े सात घंटे बाद, पहले तीन बंधकों के वापस इजरायल लौटने की उम्मीद है। एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल का कहना है कि गाजा में 98 बंधक हैं। माना जाता है कि उनमें से लगभग आधे जीवित हैं। इनमें इजराइली और गैर-इजरायली दोनों शामिल हैं। कुल बंधकों में से 94 को 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमास के नेतृत्व वाले हमले में पकड़ा गया था और चार को 2014 से गाजा में रखा गया है।

अबतक कितने फिलिस्तीनी मारे गए

हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाकर वापस गाजा ले जाया गया। इसके बाद यहूदी राष्ट्र ने हमास के कब्जे वाले गाजा पट्टी पर हमले शुरू कर दिए। इजरायल की सैन्य अभियान ने गाजा को बर्बाद करके रख दिया। गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार शनिवार तक लगभग 46,899 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, तथा कम से कम 110,725 घायल हुए हैं।

IANS की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article