Ajab Gajab Video: बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। आमतौर पर जब किसी व्यक्ति के सिर में गहरी चोट लगती है, तो डॉक्टर घाव को ठीक करने के लिए टांके लगाते हैं। लेकिन इस मामले में इलाज का तरीका इतना अजीब था कि लोगों ने डॉक्टर की लापरवाही पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि यह घटना बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र की है। यहां एक व्यक्ति के सिर में चोट लग गई थी, जिससे उसका सिर फट गया। दर्द और खून बहने के कारण वह तुरंत इलाज के लिए पास के एक डॉक्टर के पास पहुंचा।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
उसे उम्मीद थी कि डॉक्टर सामान्य तरीके से उसका इलाज करेंगे और घाव पर टांके लगाकर उसे ठीक करेंगे। लेकिन जो हुआ, वह देखकर हर कोई हैरान रह गया। आरोप है कि डॉक्टर ने घाव पर टांके लगाने की जगह साधारण स्टेपलर पिन का इस्तेमाल कर दिया। यानी जिस स्टेपलर का इस्तेमाल आमतौर पर कागजों को जोड़ने के लिए किया जाता है, उसी से मरीज के सिर के घाव को बंद करने की कोशिश की गई। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इलाज का यह बहुत ही गलत और खतरनाक तरीका
वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल व्यक्ति के सिर पर तीन स्टेपलर पिन लगे हुए हैं। वीडियो (Trending Video) बनाने वाला जब उससे पूछता है कि यह कैसे हुआ, तो वह बताता है कि चोट लगने के बाद वह गांव के ही एक डॉक्टर के पास गया था। वहीं डॉक्टर ने इस तरह से उसका इलाज कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोग हैरानी जता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह इलाज का बहुत ही गलत और खतरनाक तरीका है। आम तौर पर डॉक्टर ऐसे घावों को साफ करके उस पर टांके लगाते हैं, ताकि घाव सही तरीके से भर सके और किसी तरह का संक्रमण न फैले।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे डॉक्टर की बड़ी लापरवाही बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि इस तरह की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को भी दिखाती हैं। फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर यह सच है, तो इस तरह का इलाज करना मरीज की सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। वहीं कई लोग प्रशासन से भी मांग कर रहे हैं कि इस मामले की जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
