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78 साल का बुजुर्ग पत्नी के इलाज के लिए बना डिलीवरी बॉय, कहानी सुन लोगों ने दे दिए ढाई करोड़ से ज्यादा दान

Humanity Viral News: अमेरिका के टेनेसी में एक महिला के डोरबेल कैमरे में एक बुजुर्ग डिलीवरी ड्राइवर की वीडियो रिकॉर्ड हो गई। बाद में पता चला कि वह रिटायर हो चुका था, लेकिन पत्नी की नौकरी जाने और मेडिकल खर्चों के कारण उसे दोबारा काम करना पड़ रहा है।

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डोरबेल कैमरे में दिखी बुजुर्ग की मजबूरी(फोटो: AI)

अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसी कहानियां सामने आती हैं जो यह साबित करती हैं कि दुनिया में अभी भी इंसानियत जिंदा है। ऐसी ही एक कहानी अमेरिका के टेनेसी से सामने आई, जहां एक बुजुर्ग फूड डिलीवरी ड्राइवर की मुश्किलों को देखकर इंटरनेट पर अजनबियों ने उसके लिए बड़ी रकम इकट्ठा कर दी। यह पूरी घटना एक साधारण डिलीवरी से शुरू हुई थी। टेनेसी में रहने वाली एक महिला, ब्रिटनी स्मिथ ने फूड डिलीवरी ऐप के जरिए कॉफी ऑर्डर की थी। जब डिलीवरी उसके घर पहुंची तो यह एक सामान्य डिलीवरी की तरह ही थी। लेकिन बाद में जब स्मिथ ने अपने घर के डोरबेल कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी, तो वह हैरान रह गई।

वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति बहुत धीरे-धीरे चलते हुए उनके दरवाजे तक आता दिखाई दे रहा था। वह सावधानी से ऑर्डर को दरवाजे के पास रखता है और फिर वापस लौट जाता है। उस आदमी की उम्र और उसकी चाल देखकर स्मिथ को लगा कि इतनी उम्र में किसी को इतनी मेहनत वाला काम नहीं करना चाहिए।यह देखकर स्मिथ के मन में सवाल उठा कि आखिर इतना बुजुर्ग व्यक्ति अभी भी डिलीवरी का काम क्यों कर रहा है। जिज्ञासा और चिंता के कारण उन्होंने उस ड्राइवर के बारे में पता लगाने की कोशिश की। कुछ समय बाद वह उस व्यक्ति तक पहुंचने में सफल हो गईं और उनसे बातचीत की।

अचानक चली गई पत्नी की नौकरी

बातचीत के दौरान बुजुर्ग ड्राइवर ने अपनी कहानी बताई। उन्होंने कहा कि वह पहले ही रिटायर हो चुके थे और आराम की जिंदगी जीना चाहते थे। लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें फिर से काम करने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की नौकरी अचानक चली गई थी। इसके साथ ही उनका स्वास्थ्य बीमा भी खत्म हो गया। इसके बाद घर के खर्च और दवाइयों का खर्च संभालना मुश्किल हो गया। ऐसे में उनके पास दोबारा काम करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। बुजुर्ग ड्राइवर ने कहा कि वह यह काम शौक से नहीं कर रहे हैं, बल्कि मजबूरी में कर रहे हैं। उनका कहना था कि महीने के अंत तक दवाइयों और घर के खर्चों के बाद उनके पास लगभग कुछ भी नहीं बचता।

यह पूरी कहानी सुनकर स्मिथ काफी भावुक हो गईं। उन्होंने सोचा कि अगर लोगों को इस व्यक्ति की हालत के बारे में पता चले, तो शायद कुछ मदद मिल सके। इसी सोच के साथ उन्होंने इस पूरी घटना को सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। स्मिथ की पोस्ट बहुत तेजी से वायरल हो गई। हजारों लोगों ने इस कहानी को देखा और बुजुर्ग ड्राइवर की मदद करने की इच्छा जताई। इसके बाद स्मिथ ने एक ऑनलाइन फंडरेज़र शुरू किया, ताकि उस व्यक्ति और उसकी पत्नी की आर्थिक मदद की जा सके।

दान के जरिए मिले 2 करोड़ा 59 लाख से ज्यादा रुपये

शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि शायद कुछ पैसे इकट्ठा हो जाएंगे जिससे दंपति को थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन जो हुआ, वह उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा था।जैसे-जैसे यह कहानी लोगों तक पहुंचती गई, वैसे-वैसे दान भी बढ़ता गया। दुनिया भर से लोगों ने छोटी-बड़ी रकम देकर मदद करनी शुरू कर दी। कुछ ही दिनों में हजारों लोगों ने इस अभियान में योगदान दिया। आखिरकार इस फंडरेजर के जरिए करीब 2,80,000 डॉलर यानी भारतीय रुपये में ( 2 करोड़ा 59 लाख से ज्यादा) करोड़ों की रकम जमा हो गई। यह रकम उस बुजुर्ग दंपति के लिए बड़ी राहत साबित हुई।

इस घटना ने यह दिखा दिया कि कभी-कभी एक छोटा सा वीडियो या एक सच्ची कहानी भी हजारों लोगों को एक साथ ला सकती है। एक साधारण कॉफी डिलीवरी से शुरू हुई यह कहानी आखिरकार दयालुता और इंसानियत की मिसाल बन गई। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि अगर कोई व्यक्ति किसी की परेशानी को समझकर आगे आए, तो दुनिया भर के लोग मिलकर किसी की जिंदगी बदल सकते हैं।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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