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Video: कनाडाई शख्‍स ने बेंगलुरु और आइजोल के ट्रैफिक शोर की तुलना की, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस तरह किया रिएक्‍ट

Viral Video: शेयर किए जाने के बाद से, इस वीडियो को 642,000 से ज़्यादा बार देखा गया और 42,000 से ज़्यादा लाइक मिले। इस पर कई सोशल मीडिया यूज़र्स की तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं, जिनमें से कई कंटेंट क्रिएटर से सहमत थे।

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ध्‍वनि प्रदूषण दर्शाते कंटेंट क्रिएटर फ्राइसन।

Viral Video: भारत में रहने वाले एक कनाडाई कंटेंट क्रिएटर फ्राइसन ने दो भारतीय शहरों के ध्वनि प्रदूषण के स्तर की तुलना की। इसका वीडियो शख्‍स ने इंस्‍टाग्राम पर शेयर किया है जो कि कुछ ही देर में वायरल हो गया। आइजोल में रहने वाले कैलेब फ्राइसन ने इंस्टाग्राम पर जो वीडियो शेयर किया है उसमें बेंगलुरु और आइजोल दोनों में शाम के पीक ऑवर के दौरान ट्रैफिक के शोर की तुलना की गई है। शख्‍स शाम 7:00 बजे बेंगलुरु के ट्रैफिक के शोर को दिखाता है। वीडियो में वह कहता है, 'भारतीय एक-दूसरे से बेहतर के हकदार हैं। बस इसे सुनो।' इसके बाद कनाडाई शख्‍स लगातार हॉर्न बजाने और इंजनों की आवाज के साथ भरी हुई सड़कों को दिखाता है।

वीडियो के दूसरे हिस्‍से में शख्‍स आइजोल के शांत और व्यवस्थित दृश्य को दिखाता है। उस सीन में हॉर्न नहीं बज रहा है। फ्राइसन कहते हैं, 'वैसे, यह वास्तव में वह जगह है जहां मैं रहता हूं। ध्यान दें कि यहां कोई हॉर्न नहीं बज रहा है। ऐसा वास्तव में इसलिए है क्योंकि उन्होंने आइजोल में नो-हॉर्न नीति लागू की है। पुलिस वास्तव में शांति भंग करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाती है।'

कंटेंट क्रिएटर ने बताया कि आइजोल की सड़कें संकरी और ढलानदार होने के बावजूद ड्राइवर बिना किसी शिकायत के ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा, 'बहुत से लोगों को यह एहसास नहीं होता कि यहां की ज़्यादातर सड़कें सिर्फ़ एक लेन चौड़ी हैं। लेकिन फिर भी लोग अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं। वे कतार में खड़े हो जाते हैं और जब आगे निकलने के लिए जगह होती है, तब भी वे आगे निकलने से बचते हैं। और वे हॉर्न भी नहीं बजाते। आइजोल में ड्राइवर हॉर्न बजाने के बजाय सामने से आने वाले वाहनों के लिए अपनी हेडलाइट कम कर लेते हैं। वे समझते हैं कि हॉर्न बजाने से कोई मदद नहीं मिलती। इससे सिर्फ़ हालात और खराब होते हैं। यहं के लोग एक-दूसरे का ज़्यादा सम्मान करते हैं। मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि भारत के बाकी लोग भी इस बात को समझें। '

शेयर किए जाने के बाद से, इस वीडियो को 642,000 से ज़्यादा बार देखा गया और 42,000 से ज़्यादा लाइक मिले। इस पर कई सोशल मीडिया यूज़र्स की तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं, जिनमें से कई कंटेंट क्रिएटर से सहमत थे। एक यूजर ने लिखा, 'मैं एक भारतीय हूं और मैं आपकी आलोचना और लोगों के लिए विचार के कुछ अंशों से सहमत हूं और उनका समर्थन करता हूं। यहां कोई भी व्यक्ति बदलने वाला नहीं है, आपका उद्देश्य अगले 1000 वर्षों तक सिर्फ एक उद्देश्य ही बना रहेगा। अगर उन्हें मौका मिला तो वे चांद और मंगल पर हॉर्न बजाने का मौका नहीं छोड़ेंगे।' दूसरे ने कहा कि, 'बेंगलुरु में गाड़ी चला रहे हैं? तर्क को भूल जाइए! यह एक खुली छूट है, जहां कोई भी कहीं से भी आ सकता है। हॉर्न बजाना ही आपकी एकमात्र चेतावनी है - लेकिन जब यातायात रुका हुआ हो, तो यह आखिरी चीज है जिसे आप सुनना चाहते हैं।' तीसरे यूजर ने कहा, 'हॉर्न बजाने पर कोई जुर्माना नहीं है और हां, हॉर्न बजाने के लिए कानून का क्रियान्वयन भी शून्य है। किसी ने हमें हॉर्न न बजाने के लिए नहीं कहा, लोग हॉर्न नहीं बजाते और हम बस वही कर रहे हैं जो दूसरे कर रहे हैं।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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