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Video: बेंगलुरु के ऑटो ड्राइवर ने किराए को लेकर महिला पर चिल्लाया, वीडियो में कन्नड़ बोलने की मांग करते दिखा

Viral Video: कैप्शन में आन्या ने पूरी घटना के बारे में बताते हुए लिखा कि, 'यह स्थानीय भाषा सीखने से इनकार करने के बारे में नहीं है - बेशक मैं कन्नड़ सीखना चाहती हूं, लेकिन जब लोग इस तरह का व्यवहार करते हैं, तो मैं खुद से सवाल करती हूं।'

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बहस करता ड्राइवर।

Viral Video: कर्नाटक में कन्नड़ भाषा विवाद ने इन दिनों काफी चर्चित है। इसी से जुड़ा एक और वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक महिला और बेंगलुरु के एक ऑटो रिक्शा चालक के बीच तीखी बहस होती हुई दिख रही है। इंस्टाग्राम पर यूजर अन्या एस ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें ऑटो ड्राइवर कन्नड़ में आक्रामक लहजे में बात करता हुआ दिखाई दे रहा है। उसने कहा कि दोनों के बीच बहस तब शुरू हुई जब ड्राइवर ने सवारी के लिए 390 रुपये मांगे, जबकि ऐप के मुताबिक उसकी सवारी की कीमत 296 रुपये थी। वीडियो में, आन्या बार-बार ड्राइवर से कहती है कि वह ऐप के हिसाब से ही भुगतान करेगी। वह कहती है, 'मुझ पर चिल्लाओ मत। मैं सिर्फ़ ऐप के हिसाब से ही भुगतान करूंगी।' हालांकि, जब ड्राइवर उस पर चिल्लाना जारी रखता है, तो वह दूसरे ऑटो-रिक्शा ड्राइवर को बुलाती है और कहती है, 'आप यहां आओ, मुझे डर लग रहा है।' दूसरी ओर, ड्राइवर आक्रामक हो जाता है और उससे कन्नड़ में बात करने के लिए कहता है।

कैप्शन में आन्या ने पूरी घटना के बारे में बताते हुए लिखा कि, 'यह स्थानीय भाषा सीखने से इनकार करने के बारे में नहीं है - बेशक मैं कन्नड़ सीखना चाहती हूं, लेकिन जब लोग इस तरह का व्यवहार करते हैं, तो मैं खुद से सवाल करती हूं। इससे मुझे लगता है कि जब वे मेरे साथ बुनियादी सम्मान से पेश आना नहीं जानते, तो मैं प्रयास क्यों करूं?' आन्या ने आगे कहा, 'मैंने शांति से उससे कहा कि मैं ऐप पर दिखाए गए अनुसार भुगतान करूंगी। 296 रुपये। बस इतना ही। लेकिन उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। वह बीच में आया, मेरे करीब आया मुझे डराने की कोशिश कर रहा था। उसने हिंदी बोलने के लिए मेरा मज़ाक उड़ाया। मुझसे कहा कि अगर मैं कन्नड़ नहीं बोलती तो मुझे यहाँ रहने का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन यह भाषा के बारे में नहीं था। यह अधिकार, आक्रामकता और अनादर के बारे में था।'

उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि जब यह उचित हो तो वे अतिरिक्त भुगतान करने के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने लिखा, 'मैं उन लोगों में से हूँ जो अच्छी सवारी के लिए खुशी-खुशी अतिरिक्त भुगतान करती हूं, लेकिन तब नहीं जब कोई मुझे डराने-धमकाने या इसके लिए धमकाने की कोशिश करता है।' अंत में वे कहती हैं कि, 'हम इस शहर का हिस्सा हैं। हम यहां रहते हैं, हम यहां काम करते हैं, हम इसकी अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं और इसका मतलब है कि हम निष्पक्षता, सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं चाहे हम कोई भी भाषा बोलते हों। अगर आपने कभी भी ऐसे क्षणों में असुरक्षित महसूस किया है या खुद पर संदेह किया है तो आप गलत नहीं हैं। आप अकेले नहीं हैं और आपको 'नहीं' कहने का पूरा अधिकार है।'

बेंगलुरु के स्थानीय लोगों ने भी इस क्लिप पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, 'एक गर्वित कन्नड़ व्यक्ति के रूप में, मैं कुछ व्यक्तियों के अस्वीकार्य व्यवहार के लिए माफ़ी मांगना चाहता हूं जो हमारी और दक्षिण भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहे हैं। मैं युलु इलेक्ट्रिक स्कूटर, बस और मेट्रो जैसे वैकल्पिक परिवहन विकल्पों की खोज करने की सलाह देता हूं। सभी शिक्षित कन्नड़ लोगों की ओर से, हम अपनी ईमानदारी से माफ़ी मांगते हैं। आशा है कि आप सुरक्षित और ठीक होंगे।' दूसरे ने कहा कि, 'एक अन्य ने टिप्पणी की, "जब वे पकड़े जाते हैं तो अंतिम उपाय कन्नड़ में बात करना होता है, ये अनियंत्रित ऑटो चालक कर्नाटक और हमारे कन्नड़ का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। वे कन्नड़ लोगों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार करते हैं।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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