वायरल न्यूज़

Eye Test: 58 के जाल में बुरी तरह फंस गया है 68, ढूंढकर निकालने वाला कहलाएगा 'मजनू भाई'

Eye Test: ऑप्टिकल इल्यूजन की एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसमें से 68 ढूंढने का चैलेंज दिया गया है। इसके लिए 12 सेकंड का समय मिला है।

Image

आखिर कहां छिपा है 68 (फोटो साभार - सोशल मीडिया)

KEY HIGHLIGHTS
  • ऑप्टिकल इल्यूजन की तस्वीर वायरल
  • तस्वीर में से ढूंढना है 68
  • ढूंढने के लिए मिला 12 सेकंड

Optical Illusion Eye Test: सोशल नेटवर्किंग साइट पर ऑप्टिकल इल्यूजन की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें शब्दों का जाल नजर आ रहा है। इस तस्वीर में आपको 58 का समूह दिखाई देगा, जिसमें से 68 ढूंढने का चैलेंज दिया गया है। कहा जा रहा है कि ऐसी तस्वीरें पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। अगर वे इस तरह के प्रश्नों को सॉल्व करते हैं तो उसका बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर में आपको 58 का बुना हुआ जाल नजर आएगा, आपको हर ओर सिर्फ 58 ही दिखाई देगा। ऐसे में इसके बीच 68 कहीं जाकर छिप गया है, जिसे ढूंढने के लिए चैलेंज दिया गया है। इसके लिए 12 सेकंड का समय दिया गया है। अगर आप इसे 12 सेकंड में सॉल्व कर लेते हैं तो आप 'मजनू भाई' कहलाएंगे। हालांकि, इस तस्वीर को सॉल्व करने में अब तक 99 प्रतिशत लोग फेल हो चुके हैं। उनका कहना है कि इस तस्वीर ने उनके दिमाग का दही कर दिया।

Optical Illusion Eye Test Solution

तस्वीर में यहां छिपा है 68

तस्वीर में यहां छिपा है 68

ऑप्टिकल इल्यूजन की इस तस्वीर में से 68 ढूंढने के लिए कई लोग अपना दिमाग खराब कर चुके हैं। ऐसे में अगर आप भी इस लिस्ट से बाहर निकलकर अपने आपको खिलाड़ी साबित करना चाहते हैं और इसमें से 68 ढूंढ लेते हैं तो आपको 'मजनू भाई' जैसा जिगरवाला समझा जाएगा। लेकिन अगर आपको अंतर नहीं मिल रहा है तो आप ऊपर दिए गए तस्वीर में देखिए, यहां आपको पीले रंग का एक सर्कल दिखाई देगा, जो सबसे ऊपर ही है। यहां आप 68 देख सकते हैं। तो ऑप्टिकल इल्यूजन की ये तस्वीर आपको कैसी लगी, हमें कमेंट कर जरूर बताएं?

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article