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कभी 5 हजार रुपये की नौकरी, आज 3 करोड़ का खरीदा घर, पढ़ें इस महिला को संघर्ष से कैसे मिली सफलता

हिमी शर्मा (success viral story) की कहानी संघर्ष और हिम्मत की मिसाल है। पति द्वारा छोड़े जाने के बाद वह अपने छोटे बेटे के साथ सिर्फ 5,000 रुपये की सैलरी में जिंदगी चलाने को मजबूर हुईं। किराया, स्कूल फीस और समाज की उपेक्षा के बीच उन्होंने हार नहीं मानी। मेहनत करते हुए उन्होंने कनाडा जाने का फैसला किया और वहां कॉलेज प्रोफेसर बनीं। आज वह कनाडा में 3 करोड़ का घर खरीद चुकी हैं।

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कभी 5 हजार रुपये की करती थी, आज है 3 करोड़ का घर (फोटो: Instagram/iamhimisharma)

Inspirational story of Indian woman: जिंदगी कई बार ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहां इंसान खुद को बिल्कुल अकेला और बेबस महसूस करता है। लगता है जैसे आगे बढ़ने का कोई रास्ता ही नहीं बचा। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो मुश्किलों से हार नहीं मानते। वे अपने हौसले और आत्मसम्मान के दम पर फिर से खड़े हो जाते हैं। ऐसे ही एक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। यह कहानी हिमी शर्मा नाम की एक महिला की है। इस महिला की जिंदगी तब बदल गई जब उसके पति ने परिवार की जगह 3 करोड़ की संपत्ति को चुन लिया।

पति ने पत्नी छोड़ प्रॉपर्टी चुनी

साल 2005 में MBA करते समय उसकी लव स्टोरी शुरू हुई थी। अलग-अलग जाति होने की वजह से परिवार ने विरोध किया, लेकिन दो साल की लड़ाई के बाद दोनों ने शादी कर ली। शादी के शुरुआती तीन साल अच्छे रहे, लेकिन फिर सब कुछ बदल गया। नवंबर 2010 में पति की मां ने उसे अल्टीमेटम दिया। पत्नी या 3 करोड़ की प्रॉपर्टी। पति ने प्रॉपर्टी चुन ली। महिला अपने 2 साल के बेटे और सिर्फ 5,000 रुपये की टीचिंग सैलरी के साथ अकेली रह गई। PG में रहना पड़ा, जहां किराया तनख्वाह से ज्यादा था। कर्ज लेकर बेटे को पालना पड़ा।

5 हजार से 30 हजार तक की मिली नौकरी

कुछ समय बाद उसे 30,000 रुपये की नौकरी मिली, लेकिन हालात फिर भी आसान नहीं थे। मायके लौटी तो पिता ने भी हर महीने किराया मांग लिया। एक दिन स्कूल से फोन आया कि फीस नहीं भरी तो बच्चा क्लास में नहीं बैठ पाएगा। मजबूरी में उसे अपने गहने गिरवी रखने पड़े। बेटे के सवाल, “क्या मैं स्कूल जा पाऊंगा?” ने उसे अंदर से तोड़ दिया। समस्या सिर्फ पैसों की नहीं थी, समाज की सोच भी थी। शादी-ब्याह में बुलावा बंद हो गया। देर रात तक काम, ट्यूशन और कई बार 20 किलोमीटर पैदल चलना उसकी रोज़ की जिंदगी बन गई। करीब 10 साल पहले उसने नई शुरुआत का फैसला किया।

दो लाख से कम बचत में उसने कनाडा का वीजा लिया। 2019 में वहां पहुंचते ही एक महीने में कॉलेज प्रोफेसर की नौकरी मिल गई। आज वही महिला कनाडा में 3 करोड़ का घर खरीद चुकी है। बेटा सम्मान के साथ पढ़ रहा है। महिला कहती है: “मैंने बेटे के सहारे का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद को और अपने बेटे को बचाया।” यह कहानी संघर्ष, हिम्मत और आत्मनिर्भरता की मिसाल है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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