बेंगलुरु को भारत की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी कहा जाता है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों से लेकर हजारों स्टार्टअप तक इस शहर में मौजूद हैं। लेकिन अब इसी शहर की खराब सड़क और फुटपाथ व्यवस्था का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कनाडाई व्लॉगर कैलेब फ्रीसेन (Caleb Friesen) बेंगलुरु के इंदिरा नगर इलाके में पैदल चलते हुए वहां के टूटे-फूटे फुटपाथ का हाल दिखाते नजर आ रहे हैं।
टेक्नोलॉजी में आगे, लेकिन फुटपाथ देखकर आएगी शर्म
वीडियो (Video) में 12th Main के आसपास का फुटपाथ जगह-जगह से टूटा दिखाई देता है। कहीं सड़क की सतह उखड़ी हुई है तो कहीं निर्माण का मलबा पड़ा है। एक जगह तो फुटपाथ के पास इतना बड़ा गड्ढा दिखाई देता है कि उसमें कचरा तक जमा है। कैलेब फ्रीसेन इस हालत को देखकर हैरान रह जाते हैं। वह टूटे हुए हिस्से की ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि फुटपाथ ऐसा लग रहा है जैसे वह कभी भी बीच से टूटकर अलग हो जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि बेंगलुरु जैसे महंगे और महत्वपूर्ण शहर के इतने पॉश इलाके में पैदल चलने वालों के लिए ऐसी स्थिति कैसे बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु भारत का एक बड़ा टेक हब है। यहां बड़ी संख्या में स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल कंपनियां काम करती हैं। इसके बावजूद शहर के एक प्रमुख इलाके में फुटपाथ की हालत इतनी खराब है। उन्होंने इसे बेहद निराशाजनक बताया।
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बेंगलुरु के गड्ढे पर कनाडाई व्लॉगर का तंज
वीडियो (Video) में एक बड़े गड्ढे को दिखाते हुए व्लॉगर ने उसकी तुलना ऐसी जगह से कर दी, जहां मानो कोई एस्टेरॉयड आकर धरती से टकराया हो। इसके अलावा उन्होंने फुटपाथ पर पड़े मलबे और टूटे हिस्सों को भी कैमरे में दिखाया। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फुटपाथ के कुछ हिस्से ठीक हालत में हैं, लेकिन उनके मुताबिक कुछ खराब हिस्से पैदल चलने का मजा बिल्कुल किरकिरा कर देते हैं। कैलेब ने कहा कि इंदिरा नगर जैसे इलाके के फुटपाथ सुरक्षित, साफ और पैदल चलने के लिए बेहतर होने चाहिए।
वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर आते ही लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजाना ऐसी सड़कें और फुटपाथों को देखने की ऐसी आदत हो गई है कि उन्हें इसकी खराब हालत सामान्य लगने लगी है। एक यूजर ने लिखा कि कई बार लोगों को अपने आसपास की टूटी सड़कों और फुटपाथों की समस्या तब ज्यादा नजर आती है, जब कोई विदेशी उसे कैमरे में दिखाता है। वहीं कुछ लोगों ने शहर की नागरिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि बेंगलुरु अपनी टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सफलता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन शहर की बुनियादी सुविधाएं भी उसी स्तर की होनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
