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बेंगलुरु स्थित रिमोट वर्कर को बार-बार बिजली कटौती की शिकायत पड़ी महंगी, यूजर्स ने ट्रोल कर दिए ऐसे सुझाव

Ajab Gajab: रेडिट यूजर ने कहा कि, 'मैं एक छोटी आईटी कंपनी के लिए दूर से काम करता हूं। मैं इंदिरानगर, बेंगलुरु में रहता हूं, माना जाता है कि यह एक प्रमुख क्षेत्र है फिर भी हम सप्ताह में 2-3 बार लगातार, लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं।

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पावर कट से शख्‍स परेशान।

Ajab Gajab: स्वीडन की एक कंपनी के लिए रिमोट मोड में काम करने वाले बेंगलुरु के एक शख्‍स का किस्‍सा सोशल मीडिया पर खूब छाया हुआ है। शख्‍स अपने शहर में बार-बार बिजली कटौती पर निराशा व्यक्त कर रहा था जिसके बाद उसको ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। 'मैं अपने नॉर्डिक बॉस को बार-बार बिजली कटौती के बारे में कैसे समझाऊं?' शीर्षक वाली अपनी पोस्ट में यूजर ने बताया कि, वह इंदिरानगर में रहता है और स्वीडन में एक आईटी कंपनी के लिए दूर से काम करता है और उसके घर में बार-बार बिजली कटौती होती है। इसका नतीजा ये होता है कि, काम बाधित होता है और नॉर्डिक देश में उसके बॉस अब मानते हैं कि वह मीटिंग मिस करने के लिए बहाने बना रहा है।

रेडिट यूजर ने कहा कि, 'मैं एक छोटी आईटी कंपनी के लिए दूर से काम करता हूं, स्वीडन में सीईओ और सीटीओ को सीधे रिपोर्ट करता हूं। उन्होंने मुझे हेडहंट किया और एक भूमिका दी। उसमें दोपहर 12:30 बजे से शाम 6:30 बजे के बीच मीटिंग्‍स होती थीं। मैं इंदिरानगर, बेंगलुरु में रहता हूं, माना जाता है कि यह एक प्रमुख क्षेत्र है फिर भी हम सप्ताह में 2-3 बार लगातार, लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। ये कटौती अक्सर मेरी बैठकों के साथ ओवरलैप होती है, कुछ घंटों तक चलती हैं। मैं एक छोटे से 1BHK में रहता हूं और इन्वर्टर का खर्च नहीं उठा सकता। यह निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब जब यह क्षेत्र अच्छी तरह से विकसित माना जाता है। कुछ मीटिंग्स में शामिल न होने के बाद, अब मेरे सीईओ का व्यवहार मेरे प्रति संदेहपूर्ण है। उन्हें लगता है कि मैं बहाने बना रहा हूं। इससे हालात और खराब हो गए हैं। जब भी बिजली जाती है, मैं चिंतित हो जाता हूं।'

शख्‍स ने अपनी पोस्‍ट में कहा कि, 'मैंने बिजली कटौती का रिकॉर्ड रखना शुरू कर दिया है, लेकिन मुझे नहीं पता कि मैं इसे बिना रोए कैसे समझाऊं। मैं काम करना चाहता हूं। मैं बस अविश्वसनीय बुनियादी ढांचे के साथ फंस गया हूं जिसे मैं नियंत्रित नहीं कर सकता। यह 2025 है, और मैं भारत की तथाकथित तकनीकी राजधानी में रहता हूं, फिर भी मुझे बिजली कटौती के कारण अपनी नौकरी खोने की चिंता है।' ये कहते ही पोस्‍ट पर चर्चा शुरू हुई। एक यूजर ने शख्‍स को सुझाव दिया है कि कर्मचारी को रेडिट पर शिकायत करने के बजाय कोई वैकल्पिक समाधान ढूंढ़ लेना चाहिए। दूसरे ने कहा कि, 'अम्म, बाहर चले जाओ? दूर से काम करने के मामले को देखते हुए, आप बेंगलुरू में कहीं और बेहतर जगह पा सकते हैं। या फिर दूसरे शहरों में चले जाओ, जहां किराया कम है और आप इन्वर्टर खरीद सकते हैं। मैं बीटीएम/जेपी नगर के पास रहता हूं और हमारे यहां शायद ही कभी बिजली कटौती होती है।' एक और यूजर ने सुझाव देते हुए कहा कि, 'आपको जिम्मेदारी लेनी होगी और इसके बारे में कुछ करना होगा भाई। अपने नियोक्ता के लिए एक और सिरदर्द मत बनाइए। पहल करें और या तो इन्वर्टर लें, या लॉग इन रहने के लिए मोबाइल डेटा का उपयोग करें। अपने बॉस को पहले से बता दें कि आप अपनी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठा रहे हैं।'

शख्‍स को लगातार कई लोगों ने उसकी ही पोस्‍ट पर जवाब दिए। एक यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि, 'समाधान खोजें। अपनी टीम के लिए नई समस्याएं न बनाएं।' एक अन्‍य ने कहा कि, 'आप भाग्यशाली हैं कि आपके पास वर्क फ्रॉम होम है। इससे पहले कि आपकी जगह कोई और आए, आवश्यक व्यवस्था कर लें।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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