वायरल न्यूज़

Ajab Gajab: सालासर बालाजी धाम में भक्त ने किया अनोखा दान, स्टाम्प पेपर पर किया एग्रीमेंट

सोशल मीडिया पर सालासर बालाजी धाम की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक युवक स्टाम्प पेपर लेकर खड़ा है। बताया जा रहा है कि बालाजी के इस भक्त ने मंदिर में एक अनोखा दान दिया है।

Image

सालासर बालाजी के भक्त ने किया अनोखा दान

KEY HIGHLIGHTS
  • शख्स ने दिया मंदिर में अनोखा दान
  • स्टाम्प पेपर पर किया एग्रीमेंट
  • बालाजी के चरणों में समर्पित की खास चीज

Salasar Balaji Donation Agreement: राजस्थान के एक युवा दिलकुश ओझा ने सालासर बालाजी महाराज के दरबार में अनोखा दान दिया है, जिसके बाद वह सुर्खियों में छा गया है। कुछ समय पहले धाम की दान पेटी में दान का एग्रीमेंट निकला है और अब एक युवा दिलकुश ओझा ने धाम के नितिन पुजारी की उपस्थिति में दान का एग्रीमेंट किया, जिसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शख्स सालासर बालाजी धाम में अपनी आय का 5% हिस्सा दान करने की शपथ ली है। दिलकुश ने 50 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर एक शपथ पत्र तैयार करवाया, जिसमें उन्होंने ये शपथ ली है कि उन्हें जो भी आर्थिक लाभ होगा, उसका 5% हिस्सा वो सालासर बालाजी को आजीवन समर्पित करते रहेंगे। इतना ही नहीं, दिलकुश हर महीने अपनी आय का 2% हिस्सा भी बालाजी मंदिर या फिर सरकारी सेवाओं को दान करेंगे।

Salasar Balaji Donation Agreement

सालासर बालाजी के भक्त ने किया अनोखा दान

आर्थिक लाभ का 5% हिस्सा करेंगे दान

इसके अलावा, किसी भी प्रकार के आर्थिक लाभ का 5% हिस्सा वो बालाजी को समर्पित करेंगे। ये सारी बातें उनके द्वारा बनवाए गए शपथ पत्र में लिखी है। 20 सितंबर, 2024 को इस शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर इसे मंदिर कमेटी को सैंपा गया है। सालासर बालाजी धाम में इस तरह के दान का ये पहला मामला है। दिलकुश ने ऐसा कर एक मिशाल पेश की है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article