Samarth by Hyundai: कानून के जरिए एक्सेसिबिलिटी को बढ़ावा

Times Now Digital

Updated Nov 7, 2025, 11:55 IST

एक inclusive देश वही होता है जहां हर व्यक्ति को बिना किसी रुकावट के न्याय और अपने अधिकारों तक पहुंच मिले। Rahul Bajaj, जो एक वकील हैं, दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए लगातार काम कर रहे हैं और इसी सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत के पहले दृष्टिबाधित रोड्स स्कॉलर के तौर पर, उन्होंने कानून में एक्सेसिबिलिटी को बढ़ावा दिया और उस पहल की अगुवाई की जिससे भारतीय सिनेमा दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित लोगों के लिए एक्सेसिबल बना। अपने काम के जरिए वे लगातार ऐसी न्याय व्यवस्था की दिशा में काम कर रहे हैं जहां एक्सेसिबिलिटी कोई सुविधा नहीं, बल्कि एक बुनियादी अधिकार हो।This is a sponsored feature.