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अगर आपने भी कल तक नहीं करवाया ये काम तो बंद हो जाएगा आपका जन धन बैंक अकाउंट

Jan Dhan Account Re-KYC: जब ये योजना शुरू हुई थी तब बिना किसी डिपॉजिट या मिनिमम बैलेंस के जीरो बैलेंस पर बिना कोई पैसे लिए लोगों के बड़ी मात्रा में अकाउंट खोले गए। लेकिन नियमों के मुताबिक, बैंक अकाउंट खुलने के 10 साल बाद केवाईसी (नो योर कस्टमर) अपडेट करना जरूरी होता है।

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Jandhan Account

Jan Dhan Account Re-KYC: अगर आपके पास भी जनधन बैंक अकाउंट है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री जन धन योजना को शुरू हुए दस साल हो चुके है। इस योजना ने उन लोगों को भी बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने का काम किया है जिनके पास उनका खुद का बैंक अकाउंट नहीं है। जब ये योजना शुरू हुई थी तब बिना किसी डिपॉजिट या मिनिमम बैलेंस के जीरो बैलेंस पर बिना कोई पैसे लिए लोगों के बड़ी मात्रा में अकाउंट खोले गए। लेकिन नियमों के मुताबिक, बैंक अकाउंट खुलने के 10 साल बाद केवाईसी (नो योर कस्टमर) अपडेट करना जरूरी होता है। जिन जन धन बैंक अकाउंट को 2014-2015 में खोला गया था, उनके अकाउंट होल्डर्स को री-केवाईसी करानी होगी, क्योंकि इन खातों की KYC वैधता 10 साल की है।

अकाउंट को आगे भी एक्टिव रखने के लिए आपको ये काम करना ही होगा वर्ण आपका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा और न ही आप इससे फिर पैसे निकाल पाएंगे और न ही जमा कर पाएंगे। सरकार ने 30 सितंबर तक इन खातों की केवाईसी कराना अनिवार्य किया है।

क्या है डेडलाइन?

सरकार ने 30 सितंबर तक सभी खाताधारकों से रि-केवाईसी कराना अनिवार्य किया है। यदि आपने तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो आपका जन धन खाता बंद हो सकता है। रि-केवाईसी प्रक्रिया बेहद आसान है। इसमें आप बैंक शाखा में जाकर अपनी पुरानी जानकारी जैसे नाम, पता और फोटो अपडेट कर सकते हैं। यह धोखाधड़ी रोकने में मदद करता है और बैंकिंग सेवाओं को सुचारू बनाए रखता है। इस प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

कितने लोगों के अकाउंट खुले?

जन धन खातों की संख्या पिछले दस वर्षों में लगातार बढ़ती रही है। 2015 में 14.72 करोड़ खाते खोले गए थे। 2017 तक यह संख्या 28.17 करोड़ हो गई। 2019 में यह बढ़कर 35.27 करोड़, 2021 में 42.20 करोड़ और 2023 में 48.65 करोड़ तक पहुंच गई। अनुमान है कि 2025 तक यह संख्या 56.16 करोड़ तक पहुंच सकती है।

बंद हो जाएगा अकाउंट

अगर 30 सितंबर तक रि-केवाईसी नहीं कराई जाती, तो खाता निष्क्रिय यानी इनऑपरेटिव हो सकता है। इससे लेन-देन रुक सकते हैं और सरकारी सब्सिडी मिलने में भी परेशानी हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए, सरकारी बैंक 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक पूरे देश में ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगा रहे हैं। इन कैंपों में बैंक कर्मचारी सीधे खाताधारकों के घर जाकर रि-केवाईसी कर रहे हैं। अब तक लगभग 1 लाख ग्राम पंचायतों में कैंप आयोजित किए जा चुके हैं।

जन धन खाता जीरो बैलेंस खाता होता है, यानी इसमें कोई मिनिमम राशि रखने की अनिवार्यता नहीं होती। खाते के साथ मुफ्त रुपे कार्ड मिलता है, जिससे आप एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं या दुकानों पर पेमेंट कर सकते हैं। खाताधारकों को जारी किए गए रुपे कार्ड के साथ 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा भी मिलता है। इसके अलावा, खाते पर 10,000 रुपए तक का ओवरड्राफ्ट (उधार) सुविधा भी उपलब्ध है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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