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MEA PC : भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना; कहा- 'PoJK में चुनाव अवैध कब्जे को वैध दिखाने की कोशिश'

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में हो रहे चुनावों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में कराए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों से संबंधित रिपोर्टें देखी हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जो वर्तमान में पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे में हैं, भारत के अभिन्न अंग हैं।

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भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना (फोटो-ani)

भारत ने पीओजेके में कराए जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर भारत का रुख साफ किया है। पीओजेके में चुनावों को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इन खबरों पर हमारी नजर है। यह पाकिस्तान द्वारा अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश मात्र है।अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय ने सार्क, भारत-चीन संबंध, सीमा व्यापार और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में कराए जा रहे विधानसभा चुनावों सहित कई अहम मुद्दों पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया।

'पीओजेके में चुनाव अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश'

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में हो रहे चुनावों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में कराए जा रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों से संबंधित रिपोर्टें देखी हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें वे क्षेत्र भी शामिल हैं जो वर्तमान में पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे में हैं, भारत के अभिन्न अंग हैं। यह तथाकथित चुनावी प्रक्रिया पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे को छिपाने और क्षेत्र में किए जा रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों पर पर्दा डालने की एक कोशिश मात्र है। इस दौरान उन्होंने पीओजेके में पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षाबलों के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन पर भी बात की। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी व्यापक जन आंदोलन वहां के आर्थिक शोषण, लोगों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करने और प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम है।

सार्क पर साफ किया भारत का रुख

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) को लेकर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत हमेशा से मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक रहा है और पिछले कई दशकों से इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के सभी देश जानते हैं कि कौन-सा देश और उसकी कौन-सी गतिविधियां वास्तव में सार्क की प्रगति में बाधा बन रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग के लिए सद्भावना आवश्यक होती है।

भारत-चीन संबंधों पर हुई व्यापक चर्चा

इस दौरान रणधीर जायसवाल ने विदेश सचिव की 27 और 28 जुलाई को की गई चीन की आधिकारिक यात्रा के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उपमंत्री सुन हाईयान, चीन की उपविदेश मंत्री हुआ चुनयिंग, चीन की पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस के उपमहासचिव होंग लियांग और सेंट्रल पार्टी स्कूल के उपाध्यक्ष ली वेनतांग से मुलाकात की।

उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और दोनों देशों के नेताओं की सहमति को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर भी सहमति जताई गई।

सीमा व्यापार फिर शुरू करने पर बनी थी सहमति

भारत-चीन सीमा व्यापार को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगस्त 2025 में दोनों देशों के बीच लिपुलेख दर्रा, शिपकी ला दर्रा और नाथू ला दर्रा के माध्यम से सीमा व्यापार दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने संकेत दिया कि इस दिशा में दोनों देश आगे बढ़ रहे हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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