MP Rahveer Yojana: सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार नागरिकों को अब सरकार 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई "राहवीर योजना" को अब मध्य प्रदेश में भी लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले राहगीर को मध्यप्रदेश सरकार "राहवीर योजना" के तहत ₹25,000 का पुरस्कार प्रदान करेगी।
गोल्डन ऑवर
इस योजना का उद्देश्य है कि सड़क हादसों में घायल लोगों को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर इलाज मिल सके और अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें। राहगीरों और आम नागरिकों को अब पीड़ितों की मदद करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी मिलेगा, जिससे वे बिना किसी भय या झिझक के आगे आ सकें।
क्या है राहवीर योजना?
राहवीर योजना एक स्वैच्छिक नागरिक सहायता कार्यक्रम है, जो सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को 'गोल्डन ऑवर' यानी दुर्घटना के तुरंत बाद मिलने वाली चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है। इसका उद्देश्य लोगों को बिना किसी कानूनी झंझट के पीड़ितों की मदद के लिए प्रेरित करना है। इस योजना के तहत, यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है, तो सरकार उसे 25,000 रुपये का प्रोत्साहन देती है।
25 हजार रुपये कैसे मिलेंगे?
अगर कोई राहगीर या नागरिक किसी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाता है और उसकी जान बचाने में मदद करता है, तो सरकार उसे 25,000 रुपये की राशि प्रोत्साहन के तौर पर देगी। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को दुर्घटना की जानकारी और सहायता के प्रमाण के साथ आवेदन करना होगा।
क्या होगी पात्रता?
- मदद करने वाला व्यक्ति पीड़ित का परिवार या रिश्तेदार नहीं होना चाहिए।
- उसे घटना की जानकारी और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराने होंगे।
- वह व्यक्ति स्वयं इस कार्य के लिए स्वेच्छा से आगे आया हो।
- अधिकतम पांच बार ही इस योजना के तहत इनाम लिया जा सकता है।
- अगर जान बचाने वाले एक से ज्यादा लोग हैं इनाम की राशि उनमें बराबर बांट दी जाएगी।
- सरकार की ओर से 'प्रशंसा पत्र' भी मिलेगा।
योजना का उद्देश्य
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग होते हैं जिन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाता। राहवीर योजना का उद्देश्य नागरिकों को "गोल्डन ऑवर" में घायलों की मदद के लिए प्रेरित करना और इस कार्य को सामाजिक दायित्व के रूप में बढ़ावा देना है।
