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कन्फ्यूजन खत्म! रेलवे टिकट पर PQWL, RLWL और TQWL का असली मतलब जानें

रेलवे टिकट बुक करते समय PQWL, RLWL और TQWL जैसे वेटिंग लिस्ट कोड अक्सर यात्रियों को कन्फ्यूज कर देते हैं। ये कोड यह बताते हैं कि आपकी सीट कन्फर्म होगी या नहीं और आपकी यात्रा की संभावना कितनी है। जानिए इन कोड्स का असली मतलब और कैसे ये तय करते हैं कि आपका सफर पक्का होगा।

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रेलवे टिकट बुक करते समय PQWL, RLWL और TQWL जैसे वेटिंग लिस्ट कोड अक्सर यात्रियों को कन्फ्यूज कर देते हैं।

What is PQWL RLWL TQWL: रेलवे में टिकट बुकिंग करते समय अक्सर लोग PQWL, RLWL और TQWL जैसे कोड देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं। ये कोड आपके टिकट की वेटिंग लिस्ट स्थिति और यात्रा की संभावना के बारे में बताते हैं। यहां जानिए इनके असली मतलब और कैसे ये तय करते हैं कि आपकी यात्रा पक्की होगी या नहीं।

PQWL का क्या है मतलब

PQWL का मतलब है Pooled Quota Waiting List। यह उन यात्रियों के लिए होती है जो अलग-अलग स्टेशनों से एक ही ट्रेन में सफर करने के लिए टिकट बुक करते हैं। इसका फायदा यह है कि सीटें पूरी तरह बुक होने पर भी ट्रेन के अन्य हिस्सों से खाली सीटों को साझा करके वेटिंग टिकट कंफर्म की संभावना बढ़ाई जाती है।

RLWL का क्या है मतलब

RLWL का फुल फॉर्म है Remote Location Waiting List। यह वेटिंग लिस्ट उन यात्रियों के लिए होती है जो ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से नहीं बल्कि किसी मिडिल या रिमोट स्टेशन से चढ़ते हैं। RLWL टिकट बुक करने वाले यात्री केवल उस स्टेशन से ट्रेन में बैठ सकते हैं और इनकी कन्फर्मेशन ट्रेन के चलने के दौरान खाली सीटों के हिसाब से होती है।

TQWL का क्या है मतलब

TQWL यानी Tatkal Quota Waiting List उन यात्रियों के लिए होती है जिन्होंने Tatkal टिकट बुक किया है। यह टिकट तत्काल यात्रा के लिए होता है और इसकी वेटिंग भी Tatkal कोटा के अनुसार तय होती है। यदि Tatkal कोटा में सीटें खाली नहीं हैं, तो टिकट TQWL में चली जाती है और कन्फर्मेशन ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से ही संभव होती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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