What is Call Merging Scam: भारत में साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में, 'कॉल मर्जिंग टेक्नीक' के जरिए ठगी के मामले सामने आए हैं, जिसमें बिना OTP साझा किए भी बैंक खाते से पैसे गायब हो सकते हैं। कई लोग इस फ्रॉड के शिकार हो चुके हैं, जहां एक कॉल रिसीव करते ही उनके खाते से पैसे कट गए।
क्या है कॉल मर्जिंग स्कैम?
इस तकनीक में साइबर ठग किसी अनजान नंबर से कॉल कर यह दावा करते हैं कि उन्हें आपका नंबर किसी जान-पहचान वाले से मिला है। फिर वे किसी जॉब ऑफर या इवेंट का बहाना बनाकर कॉल मर्ज करने को कहते हैं। जैसे ही कॉल मर्ज होती है, ठग आपके बैंक द्वारा भेजे गए OTP को सुन लेते हैं और आपके खाते से पैसे उड़ा लेते हैं।
कैसे बचें इस धोखाधड़ी से?
अनजान कॉलर्स से सावधान रहें: यदि कोई अनजान व्यक्ति कॉल मर्ज करने को कहे, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।
OTP किसी के साथ साझा न करें: बैंक या किसी भी आधिकारिक संस्था द्वारा OTP नहीं मांगा जाता, इसलिए किसी को भी OTP बताने से बचें।
संदिग्ध कॉल आने पर सतर्क रहें: यदि कोई कॉलर जबरदस्ती कॉल मर्ज करने को कहे, तो सतर्क रहें और कॉल तुरंत काट दें।
साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें: अगर किसी अनजान लेनदेन का OTP मिले तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें और अपने बैंक को सूचित करें।
NPCI की चेतावनी
NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) ने यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। अनजान नंबरों से कॉल मर्ज न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल को लेकर तुरंत रिपोर्ट करें।
