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UPI लेनदेन ने तोड़े रिकॉर्ड, अगस्त में पहली बार आंकड़ा 20 अरब के पार

यूपीआई ने अगस्त के दौरान 24.85 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन दर्ज किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, औसत दैनिक लेनदेन संख्या बढ़कर 64.5 करोड़ हो गई, जो कि जुलाई में 62.8 करोड़ दर्ज की गई थी।

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यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई)

UPI Transactions: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने अगस्त में अपने इतिहास में पहली बार 20 अरब लेनदेन को पार कर लिया। अगस्त में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या 20.01 अरब के आंकड़े तक पहुंच गई, जो बीते महीने जुलाई के आंकड़े 19.47 अरब की तुलना में 2.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वार्षिक आधार पर, यह 34 प्रतिशत की वृद्धि है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, मूल्य के संदर्भ में, यूपीआई ने अगस्त के दौरान 24.85 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन दर्ज किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, औसत दैनिक लेनदेन संख्या बढ़कर 64.5 करोड़ हो गई, जो कि जुलाई में 62.8 करोड़ दर्ज की गई थी। हालांकि, अगस्त में औसत दैनिक लेनदेन मूल्य 80,177 करोड़ रुपए रहा, जो कि जुलाई में 80,919 करोड़ रुपए था।

यूपीआई ने इससे पहले 2 अगस्त को एक ही दिन में 70 करोड़ से ज्यादा लेनदेन का रिकॉर्ड बनाया था। यह उपलब्धि पिछले कुछ महीनों में लगातार हुई वृद्धि के बाद हासिल हुई है। अगस्त में यह उछाल रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध के बावजूद देखने को मिला। जून में, यूपीआई से 24.04 लाख करोड़ रुपए मूल्य के 18.40 अरब लेनदेन हुए। अगले महीने, इसमें 5.8 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि हुई और यह 19.47 अरब लेनदेन तक पहुंच गया, जिससे लेनदेन का मूल्य 25.08 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

एसबीआई रिसर्च के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, अकेले जुलाई में 9.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ महाराष्ट्र डिजिटल भुगतान में लगातार अग्रणी रहा, उसके बाद 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कर्नाटक और 5.3 प्रतिशत के साथ उत्तर प्रदेश का स्थान रहा। रिपोर्ट में कहा गया है, "कुल मूल्य लेन-देन में पीयर-टू-मर्चेंट (पी2एम) लेनदेन की हिस्सेदारी जून 2020 में मात्र 13 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई 2025 में 29 प्रतिशत हो गई है। इसी अवधि के दौरान, मात्रा में हिस्सेदारी 39 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत हो गई है, जो डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।"

यूपीआई के नेतृत्व में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहे हैं, जो कैश इन सर्कुलेशन (सीआईसी) की संख्या से कहीं अधिक है। मासिक औसत यूपीआई लेनदेन 24,554 अरब रुपए है, जबकि अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान सीआईसी की मासिक औसत वृद्धि 193 अरब रुपए है। लगभग 300 प्रमुख व्यापारी श्रेणी कोड हैं और एनपीसीआई ने केवल 29 प्रमुख एमसीसी के साथ शुरुआत की है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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