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UPI ट्रांजैक्शन की नई लिमिट और चार्ज क्या है? जानिए जुलाई से नियमों में क्या हुआ बदलाव

UPI Transaction Rules: अब एक UPI ऐप से एक दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक किया जा सकेगा। यह बदलाव सिस्टम पर अनावश्यक लोड कम करने और नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए किया गया है। यूजर्स एक दिन में 25 बार तक ही किसी मोबाइल नंबर से लिंक्ड बैंक अकाउंट की जानकारी देख सकेंगे।

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अब UPI ID वेरिफाइ और रिक्वेस्ट पे जैसे ऑपरेशन का रिस्पॉन्स टाइम 15 से घटाकर 10 सेकंड कर दिया गया है।

UPI Transaction Rules: सरकार ने स्पष्ट किया है कि जुलाई से UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) लेनदेन की फीस में कोई बदलाव नहीं हुआ है। चाहे ट्रांजैक्शन 3,000 रुपये से कम हो या ज्यादा, यूजर्स को किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यह कदम डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। यहां हम यूपीआई में हुए लेटेस्ट बदलाव के बारे में बता रहे हैं।

UPI पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे, चाहे वो ₹3,000 से कम हों या अधिक। इससे यूजर्स को डिजिटल पेमेंट करते वक्त ट्रांजैक्शन फीस की कोई चिंता नहीं होगी।

बैलेंस चेक की लिमिट तय

अब एक UPI ऐप से एक दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक किया जा सकेगा। यह बदलाव सिस्टम पर अनावश्यक लोड कम करने और नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए किया गया है।

मोबाइल नंबर से बैंक अकाउंट डिटेल एक्सेस की लिमिट

यूजर्स एक दिन में 25 बार तक ही किसी मोबाइल नंबर से लिंक्ड बैंक अकाउंट की जानकारी देख सकेंगे। इसका मकसद गोपनीयता बनाए रखना और फिशिंग प्रयासों को सीमित करना है।

UPI ID वेरिफिकेशन और रिक्वेस्ट रिस्पॉन्स का समय घटा

अब UPI ID वेरिफाइ और रिक्वेस्ट पे जैसे ऑपरेशन का रिस्पॉन्स टाइम 15 से घटाकर 10 सेकंड कर दिया गया है, जिससे ट्रांजैक्शन और इंटरैक्शन दोनों में तेजी आएगी।

वैलिड एड्रेस के लिए भी 10 सेकंड की लिमिट

यदि आप किसी एड्रेस या डिटेल को वैरिफाइ करते हैं, तो अब सिस्टम अधिकतम 10 सेकंड में रिजल्ट देगा, जिससे रीयल-टाइम पेमेंट फ्लो और बेहतर होगा।

नेटवर्क फेलियर पर तुरंत फेल घोषित होगा ट्रांजैक्शन

अगर किसी कारणवश पेमेंट UPI सिस्टम तक पहुंच ही नहीं पाता है, जैसे कि नेटवर्क समस्या या तकनीकी गड़बड़ी के कारण, तो अब ऐसे ट्रांजैक्शन को ऑटोमैटिकली फेल घोषित कर दिया जाएगा। इससे यूजर को स्टेटस के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

स्टेटस चेक की लिमिट भी तय

NPCI ने सिस्टम पर लोड कम करने के लिए कोई भी बैंक या पेमेंट ऐप 2 घंटे के अंदर किसी ट्रांजैक्शन का स्टेटस अधिकतम तीन बार ही चेक कर सकेगा। इससे सिस्टम पर लोड नहीं बढ़ेगा और परफॉर्मेंस बेहतर रहेगा। इसके अलावा किसी ट्रांजैक्शन की स्थिति पता लगाने या रिवर्सल के लिए अब 30 सेकंड की जगह केवल 10 सेकंड में जवाब मिलेगा। यह बदलाव यूजर्स को तेज और सटीक जानकारी देने के लिए किया गया है।

UPI यूजर्स के लिए जरूरी सलाह

  • बार-बार बैलेंस चेक करने या ट्रांजैक्शन स्टेटस रिफ्रेश करने से बचें- अब इनकी लिमिट तय है।
  • ऑटोपे सेट करते समय टाइम स्लॉट का ध्यान रखें, ताकि पेमेंट समय पर हो सके।
  • पेमेंट से पहले रिसीवर का नाम जरूर चेक करें- यह अब स्क्रीन पर दिखेगा।
  • चार्जबैक का इस्तेमाल सोच-समझकर करें, क्योंकि लिमिट जल्दी खत्म हो सकती है।
Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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