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भारत का इकलौता रेलवे स्टेशन, साल में सिर्फ दो बार ही आती है ट्रेन!

Railway Station In India Where Train Come Only Twice In a Year: इस स्टेशन पर साल में सिर्फ दो बार ही ट्रेन आती है। यह स्टेशन अपनी लोकेशन के कारण भी खास है। यह रेलवे ट्रैक का आखिरी छोर है, जहां से आगे कोई रेल लाइन नहीं जाती। ट्रेन यहां पहुंचकर उसी ट्रैक से वापस लौट जाती है। इसके आगे का सफर सिर्फ सड़क मार्ग से ही संभव है।

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भारत का इकलौता रेलवे स्टेशन, साल में सिर्फ दो बार ही आती है ट्रेन/Photo-Canva

आम तौर पर रेलवे स्टेशन हमेशा यात्रियों की भीड़ और ट्रेनों की आवाजाही से भरे रहते हैं। प्रत्येक कुछ मिनट और घंटे में ट्रेन का आना-जाना लगा रहता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा रेलवे स्टेशन है जहां पूरे एक साल में ट्रेन सिर्फ दो बार ही आती है और यह कोई मजाक नहीं, बल्कि हकीकत है।

पंजाब का अनोखा रेलवे स्टेशन

पंजाब का Hussainiwala Railway Station स्टेशन की परिभाषा से बिल्कुल अलग है। यहां पूरे साल सन्नाटा रहता है और ट्रेन सिर्फ दो खास मौकों पर ही चलती है। यही वजह है कि यह स्टेशन लोगों के बीच खासा चर्चा का विषय बना हुआ है।

सोशल मीडिया वीडियो से हुआ खुलासा

हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें इस अनोखे स्टेशन की जानकारी दी गई। वीडियो में दिखाया गया कि यह स्टेशन लगभग भुला दिया गया है और यहां खड़ी ट्रेन भी सिर्फ खास दिनों में ही चलती है। यह स्टेशन Ferozepur से Hussainiwala Border के बीच स्थित है और इस रूट का आखिरी पड़ाव है।

साल में किन दो दिनों पर चलती है ट्रेन?

इस स्टेशन पर ट्रेन साल में केवल दो बार चलाई जाती है। पहला दिन 23 मार्च होता है, जो शहीद भगत सिंह की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर से लोग श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचते हैं, इसलिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। दूसरा मौका 13 अप्रैल का होता है, जब बैसाखी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन भी यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन सेवा दी जाती है।

क्यों खास है यह स्टेशन?

हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन सिर्फ अपने शेड्यूल की वजह से ही नहीं, बल्कि अपनी लोकेशन के कारण भी खास है। यह रेलवे ट्रैक का आखिरी छोर है, जहां से आगे कोई रेल लाइन नहीं जाती। ट्रेन यहां पहुंचकर उसी ट्रैक से वापस लौट जाती है। इसके आगे का सफर सिर्फ सड़क मार्ग से ही संभव है।

लोगों में बढ़ी दिलचस्पी

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोग पूछने लगे कि ट्रेन रोज क्यों नहीं चलती, तो कुछ ने अपनी यादें साझा कीं। वहीं कई लोगों ने इस जानकारी पर गर्व भी जताया और इसे “ग्रेट इंफॉर्मेशन” बताया।

अनोखी विरासत का प्रतीक

हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे की एक अनोखी विरासत को दर्शाता है, जहां परंपरा, इतिहास और खास अवसरों का मेल देखने को मिलता है। यही वजह है कि यह स्टेशन भले ही सालभर शांत रहता हो, लेकिन खास दिनों में यह फिर से जीवंत हो उठता है।

नोट- यह न्यूज एक इंस्टाग्राम पोस्ट के हवाले से बनाई गई है। टाइम्सनाउ इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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