Difference between QR code and scanner: आज के डिजिटल समय में हर दूसरे व्यक्ति को ऑनलाइन पेमेंट करना पसंद है। फोन से सिंगल टैप पर पैसे ट्रांसफर करने का यह तरीका सुई लेकर हाथी तक की चीज की खरीदारी के लिए इस्तेमाल होता है। खास कर रोजाना के छोटे-छोटे खर्चों जैसे दूध-दही और सब्जियों के लिए भी ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल होता है। ऑनलाइन पेमेंट के लिए एक क्यूआर कोड की जरूरत भर होती है और सेकंड्स भर में ट्रांजैक्शन पूरा हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है बहुत से लोग काले और सफेद चौकोर वाले पैटर्न को स्कैनर कहते हैं। तो क्या असल में क्यूआर कोड और स्कैनर एक ही होता है? अगर आपको भी इन दोनों टर्म्स को लेकर कंफ्यूजन है तो इन दोनों टर्म्स के बीच का अंतर जरूर समझना चाहिए।
QR Code और Scanner दोनों अलग-अलग
पहले तो यही समझिए कि QR Code और Scanner दोनों ही टर्म्स अलग-अलग हैं। QR Code यानी क्विक रिस्पॉन्स कोड। यह एक तरह का दो-डायमेंशनल बारकोड होता है, जिसमें जानकारी (जैसे वेबसाइट लिंक, पेमेंट डिटेल, टेक्स्ट आदि) छिपी होती है। यह काले और सफेद छोटे-छोटे बॉक्स के पैटर्न में बना होता है। QR Code का इस्तेमाल ऑनलाइन पेमेंट, टिकट बुकिंग, प्रोडक्ट की जानकारी और बिजनेस प्रमोशन में होता है।

Difference between QR code and scanner (Photo: iStock)
वहीं, दूसरी ओर QR Code Scanner या Scanner एक ऐसा टूल होता है, जिसकी मदद से QR कोड को रीड किया जाता है। जब आप अपने फोन का कैमरा या किसी स्कैनर ऐप से QR कोड पर फोकस करते हैं, तो यह तुरंत उसमें छिपी जानकारी को डिकोड कर स्क्रीन पर दिखा देता है। आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में इनबिल्ट स्कैनर होता है, जिससे अलग से ऐप डाउनलोड करने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
यानी क्यूआर उसे कहेंगे, जिसकी जानकारी को रीड किया जाना है और स्कैनर उसे कहेंगे जो इस जानकारी को रीड करेगा।
QR Code और Scanner में अंतर
इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि जब आप पेमेंट करने के लिए अपना फोन का कैमरा ऑन करते हैं तो यह स्कैनर है। वहीं, जिस व्यक्ति को पेमेंट की जा रही है, वह अपना क्यूआर कोड देकर इस ट्रांजैक्शन को पूरी करवाएगा।
