इंटरनेशनल कोल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (ICVL) की उत्पादन क्षमता को दोगुना कर 40 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के चेयरमैन अमरेंद्रु प्रकाश ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए 15-20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जाएगा। मोजाम्बिक स्थित आईसीवीएल विदेश में कोयला खदानों और परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए सेल, आरआईएनएल, एनएमडीसी, सीआईएल और एनटीपीसी द्वारा गठित एक विशेष उद्देश्यीय कंपनी (SPV) है।
उत्पादन क्षमता दोगुनी हो जाएगी
प्रकाश ने राष्ट्रीय राजधानी में आईएसए कोकिंग कोल शिखर सम्मेलन के मौके पर पीटीआई-भाषा को बताया कि मोजाम्बिक में आईसीवीएल की उत्पादन क्षमता दोगुनी की जाएगी और इस संबंध में एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। क्षमता दोगुनी करने के लिए निवेश के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि यह 15-20 करोड़ डॉलर तक होगा।
उन्होंने कहा कि सेल ने 2023-24 की पहली दो तिमाहियों में रूस से लगभग 75,000 टन की आठ कोकिंग कोयले की खेप खरीदी हैं। उम्मीद है कि वित्त वर्ष की बाकी दो तिमाहियों में रूस से आपूर्ति इसी अनुपात में जारी रहेगी।
सस्ता पड़ रहा कोयला
रूस से प्राप्त होने वाले कोकिंग कोयले की कीमतों पर प्रकाश ने कोई आंकड़ा साझा किए बिना कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से प्राप्त होने वाले कोयले की तुलना में तुलनात्मक रूप से सस्ते हैं। कोकिंग कोयला स्टील बनाने में उपयोग किया जाने वाला एक प्रमुख कच्चा माल है। कोकिंग कोयले की लगभग 90 प्रतिशत आवश्यकता आयात के माध्यम से पूरी की जाती है। आईसीवीएल के विस्तार से सेल और आरआईएनएल को कोकिंग कोयले की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।
