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RBI ने KYC अपडेट के लिए जारी किये नए नियम, ग्राहकों को दी राहत, बैंकों को दिए ये निर्देश

RBI KYC guidelines 2025: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने केवाईसी (KYC) अपडेट प्रक्रिया को सरल और ग्राहकों के लिए सहज बनाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को अपने ग्राहकों को केवाईसी अपडेट कराने के लिए समय-समय पर उचित नोटिस और रिमांडर भेजने होंगे। आरबीआई ने इस कदम से पेंडिंग केवाईसी मामलों को कम करने और प्रक्रिया को आसान बनाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, बैंक प्रतिनिधियों को केवाईसी अपडेट में ग्राहकों की मदद करने की अनुमति भी दी गई है। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से लागू होगी।

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KYC पर नया नियम

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RBI KYC guidelines 2025: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के केवाईसी (KYC) अपडेट प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को अपने ग्राहकों को समय-समय पर केवाईसी अपडेट कराने के लिए उचित नोटिस और सूचना देने का निर्देश दिया गया है।

पेंडिंग KYC मामलों को लेकर उठाया कदम

आरबीआई ने अपने हालिया सर्कुलर में बताया कि कई खातों में KYC अपडेट पेंडिंग है, जिनमें प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), इलेक्ट्रॉनिक लाभ अंतरण (EBT), और प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खाते शामिल हैं। इस समस्या को देखते हुए प्रक्रिया को सरल बनाने और ग्राहकों की सुविधा के लिए निर्देशों में संशोधन किया गया है।

नए KYC निर्देश और सूचनाएं

आरबीआई ने ग्राहक को जानो (संशोधन) निर्देश, 2025" जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि वित्तीय संस्थान ग्राहकों को KYC अपडेट करने के लिए नियत तारीख से पहले कम से कम तीन बार सूचित करेंगे। इनमें कम से कम एक सूचना पत्र के माध्यम से होगा। अगर ग्राहक नियत तारीख तक KYC अपडेट नहीं करता है, तो बैंक कम से कम तीन रिमांडर पत्र भी भेजेंगे, जिसमें KYC अपडेट करने के सरल निर्देश और न करने पर होने वाले परिणाम की जानकारी होगी।

जानकारी का रिकॉर्ड और कार्यान्वयन

ग्राहकों को भेजे गए नोटिस और रिमांडर पत्रों का डिटेल बैंक ऑडिट के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इस व्यवस्था को 1 जनवरी 2026 तक लागू करना अनिवार्य होगा।

स्व-घोषणा के जरिए आसान प्रक्रिया

अगर ग्राहक KYC में कोई बदलाव नहीं करता या केवल पता अपडेट करता है, तो वह स्व-घोषणा के जरिए, अधिकृत बैंक प्रतिनिधि (BC) की मदद से यह कार्य पूरा कर सकता है।

कम जोखिम वाले ग्राहकों के लिए ढील

कम जोखिम वाले ग्राहकों के मामले में बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) एक वर्ष के भीतर या 30 जून 2026 तक केवाईसी अपडेट करने का प्रावधान करेंगी, तब तक सभी लेनदेन की अनुमति दी जाएगी।

शिविर और जागरूकता अभियान

आरबीआई ने बैंकों को सुझाव दिया है कि वे केवाईसी अपडेट को बढ़ावा देने के लिए शिविर आयोजित करें और गहन जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि अधिक से अधिक ग्राहक इस प्रक्रिया में सहयोग करें।

निष्क्रिय खाते और दावा न की गई जमा में संशोधन

इसके साथ ही, आरबीआई ने निष्क्रिय खातों और दावा न की गई जमा राशि से संबंधित नियमों में भी संशोधन किया है ताकि वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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